पानीपत। आजाद नगर रेलवे फाटक पर अंडरपास बनवाने का काम शुरू हो चुका है। इसे लेकर शनिवार को रेलवे की ओर से जेसीबी मशीन चलाकर अतिक्रमण हटाया गया। इससे यहां सालों से अपनी सब्जी और फल की रेहड़ी, फड़ी लगाने वाले करीब 300 अस्थायी मासाखोरों का रोजगार उजड़ गया। उन्होंने प्रशासनिक कार्रवाई का पूरा विरोध किया। इसके बाद मासाखोर अपनी दुविधा को लेकर शहरी विधायक प्रमोद विज से मिले।
उन्होंने विधायक से कहा कि वे पिछले 20 साल से यहां रेहड़ी, फड़ी लगाकर अपने परिवार का पेट पाल रहे थे। तीन दिन पहले रेलवे ने नोटिस देकर उन्हें हटाना शुरू कर दिया है। इससे उनके सामने अब भूखों मरने की नौबत आ चुकी है। अगर उन्हें रोजगार के लिए जगह नहीं मिली तो यह सरकार की बड़ी हार होगी। इस पर विधायक ने आश्वासन दिया कि वे जल्द ही इसका समाधान निकालेंगे। रेलवे अफसरों को बोलकर अंडरपास बनाने वाले ठेकेदार से जमीन की निशानदेही करवाई जाएगी। अगर ये काम नहीं हुआ तो वे डीसी को लेकर मौके का मुआयना करेंगे।
रेलवे आजाद नगर फाटक पर अंडरपास बनाने जा रहा है। इसका काम अनाज मंडी की ओर से शुरू करवाया गया है। यहां वर्षों से मासाखोर रेहड़ी-फड़ी लगाते आ रहे थे। उनका रोजगार छिन जाने से उन्होंने रेलवे की इस कार्रवाई का विरोध किया।
मासाखोरों ने बताया कि वे पिछले 20 साल से यहां रेहड़ी लगा रहे हैं। यहां मेहनत मजदूरी कर वे अपने परिवारों के करीब 1200 लोगों का पेट भरते हैं। अब अचानक से रेलवे उनका हटा रहा है। उनके पास अपने सामान रखने के लिए भी जगह नहीं है। अचानक से प्रशासन की इस कार्रवाई से वे बेहद आहत हैं।
जब रेलवे की जेसीबी मासाखोरों के अस्थायी फड़ों पर चलने लगी तो मासाखोर उसके आगे अड़ गए। उन्होंने कहा कि प्रशासन को उन्हें अपना सामान हटवाने के लिए कुछ दिन का समय देना चाहिए था। अब अचानक खराब मौसम में फल और सब्जियां हटवाई जाएंगी तो वे खराब हो जाएंगी। पहले से आर्थिक मंदी झेल रहे गरीब परिवार अब रोजी रोटी को भी तरस जाएंगे।
वर्जन-
जल्द कराएंगे समाधान : विज
रेलवे का अंडरपास जिस जगह पर बनने जा रहा है, उसकी निशानदेही करवाई जाएगी। बाकी की बची जगह पर मासाखोरों को बैठने की जगह उपलब्ध करवाई जाएगी। अगर रेलवे इस पर सहमत नहीं हुआ तो बुधवार को उपायुक्त के साथ मौके पर जाकर मुआयना कर इसका समाधान करवाया जाएगा। किसी भी कीमत पर मासाखोरों का रोजगार नहीं छिनने दिया जाएगा।
- प्रमोद विज, विधायक, पानीपत शहरी।