पानीपत। गांव उग्राखेड़ी निवासी हैंडबॉल खिलाड़ी अन्नु मलिक का स्पेन में 24 से 29 जून तक हाेने वाले वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम में चयन हुआ है। अब वहां अन्नु मलिक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी। गुजरात स्थित साईं केंद्र पर तीन साल से अभ्यास कर रही हैं। वह 21 जून काे केरला से टीम के साथ रवाना हाेगी। उसका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहला टूर हाेगा। अन्नु राष्ट्रीय स्तर पर अब तक 14 मेडल जीत चुकी हैं। उनका सपना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने का है। फिलहाल वह बीए की पढ़ाई कर रही है। कोच शिवाजी सिंधू की देखरेख में वह अभ्यास करती है।
अन्नु मलिक ने बताया कि कुछ समय पहले हरियाणा टीम से उसपर कागजों में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए प्रतिबंध लगाकर बाहर कर दिया था। इसके बाद भी उसने मेहनत जारी रखी। उसका भाई अमन उसे अपने साथ दिल्ली लेकर गया गया, अब यहां उसका चयन हाे गया। वह पिछले तीन वर्षाें से अपनी भाई अमन के साथ है और कड़ा अभ्यास कर रही है। उसने बताया कि वह अपनी मेहनत के दम पर टीम काे पदक जिताने में काेई कमी नहीं छाेड़ेगी।
दिल्ली की टीम में खेली ताे बदली किस्मत
हरियाणा टीम ने आयु प्रमाणपत्र में गड़बड़ी का आरोप लगाकर प्रतिबंध लगा दिया था, जबकि उसकी गलती नहीं थी। इसके बाद खेल छूट गया था। अंतरराष्ट्रीय हैंडबॉल खिलाड़ी व ताऊ के बेटे अमन मलिक ने खेलने के लिए प्रेरित किया। भाई उन्हें अभ्यास के लिए दिल्ली ले गए। यहीं से उसकी किस्मत बदल गई। परिवार में उसके पिता जगबीर मलिक है, जाे किसान है। मां सुमित्रा, दाे बहनें और एक भाई है।
भाई अमन भी चार बार नेशनल खेल चुका
अमन मलिक ने बताया कि वह 2010 से हैंडबॉल खेल रहा है। तब से लेकर वह नेशनल में 10 से ज्यादा मेडल जीत चुका है। वहीं चार अंतरराष्ट्रीय टूर में से वह दो बार मेडल विजेता रह चुका हैं, जिसमें एक गाेल्ड और एक सिल्वर मेडल भी है। अब वह अपनी बहन के साथ ही पिछले तीन वर्षाें से गुजरात के साईं सेंटर पर रहकर सात से आठ घंटे खेल का अभ्यास कर रहे हैं। बहन ने गेम छूटने पर बहुत ताने सुने हैं, लेकिन उसने अपनी मेहनत से सबकाे जवाब दिया है और उसे उम्मीद है कि उसकी बहन अन्नु भारत काे अपने प्रदर्शन से मेडल जिताएगी।