पानीपत। पोस्टमास्टर के आईपीएस बेटे शक्ति सिंह आर्य प्रशिक्षण खत्म कर गांव पहुंचे तो रविवार को ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। ढोल ताशे की धुन पर खुली जीप में फूल-मालाओं से लादकर शक्ति को गांव का भ्रमण कराया गया। इस दौरान जगह-जगह गांव के युवा उनकी कामयाबी के किस्से आपस में साझा करते नजर आए। डिडवाडी गांव के शक्ति सिंह आर्य सीआईएसएफ में कमांडेंट थे। मगर, साथ में वह यूपीएससी की तैयारी भी कर रहे थे। पहली बार 587वीं रैंक पाकर वह आईआरएस बने। उनका लक्ष्य आईपीएस बनना था। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर कार्य करते हुए उन्होंने यूपीएससी की तैयारी जारी रखी। दूसरे प्रयास में 480वीं रैंक प्राप्त कर वह आईपीएस बने। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद छह मार्च को वह केरल के कोझिकोडे में एएसपी का पदभार संभालेंगे। शक्ति सिंह के पिता के पिता राजबीर सिंह पोस्टमास्टर हैं और मां सुनीता गृहिणी हैं। परिवार में दो बहनें हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। शक्ति ने गांव की चौपाल से अपनी पढ़ाई की शुरुआत की और 12वीं राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालय से पास की।