माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। परिसीमन के सिद्धांत और शहर की जनसंख्या के आधार पर निगम क्षेत्र की नई वार्डबंदी तैयार हो रही है। इसमें शहरी और ग्रामीण विधानसभा के वार्डों को बिल्कुल अलग अलग करने का कार्य किया जा रहा है। अब तक निगम के आधे से ज्यादा वार्ड एक दूसरी विधानसभा में समायोजित थे।
ज्यादातर वार्डों का हिस्सा दोनों विधानसभाओं में लगता था। एक अक्टूबर 2023 को आधार मानते हुए पीपीपी के डाटा के अनुसार निगम क्षेत्र में 624433 लोगों की आबादी है। इनमें एससी वर्ग की जनसंख्या 106957 और बीसी ए वर्ग की जनसंख्या 184723 है। जबकि परिसीमन के सिद्धांत अनुसार इतनी जनसंख्या में वार्डों की संख्या 26 ही रहेगी।
इस गणना और शहर के मैप के जरिए अबकी बार शहरी विधानसभा में करीब 12 जबकि ग्रामीण विस के 14 वार्ड बनाए जा सकते हैं। प्रति वार्ड में जनसंख्या 17 से लेकर 26 हजार तक रखी जाएगी। इसके लिए निगम अधिकारी ग्रामीण और शहरी विस के बंटे वार्डाें को अलग अलग करने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए कॉलोनियों के बीच से ही ऑनलाइन मैप पर नई बांउड्री लाइन खींची जाएगी। जो शहरी और ग्रामीण वार्डों को अलग अलग करने का काम करेगी।
नई बांउड्री के साथ निगम अधिकारी जनसंख्या के आधार पर वार्डों का बंटवारा, सीमाएं, सीट आरक्षण करेंगे। इससे शहर के नक्शे में बनने जा रही वार्डबंदी में क्षेत्र, सीमा, सीट आरक्षण में कुछ बदलाव किए जा सकते हैं लेकिन कोई बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। इससे शहरी और ग्रामीण विधानसभा के लिए विकास कार्याें की मिलने वाली अलग अलग ग्रांट का फायदा होगा।
वार्डबंदी की प्रक्रिया एक माह से ज्यादा देरी से चल रही है। शेड्यूल के अनुसार नई वार्डबंदी का ड्रॉफ्ट 27 दिसंबर को प्रकाशित किया जाना था लेकिन अब तक निगम की एडहॉक कमेटी की बैठक तक नहीं हुई है। 28 नवंबर तक वार्डों की जनसंख्या के आधार पर मैपिंग की जानी थी।
इसके आधार पर जनसंख्या के हिसाब से वार्डों के नक्शे पर नई बाउंड्री लाइन लगानी थी। 27 दिसंबर को प्राथमिक यानी ड्रॉफ्ट वार्डबंदी प्रकाशित की जानी थी जो नहीं हो पाई हैं। नगर निगम के एमई वीरेंद्र मलिक ने बताया कि वार्डबंदी की प्रक्रिया फिलहाल चल रही है। सरकार के निर्देशानुसार प्रक्रिया पूरी की जा रही है। अबकी बार शहरी और ग्रामीण विधानसभा के वार्डों को अलग किया जाएगा। इसी पर काम किया जा रहा है।
नगर निगम एमई वीरेंद्र मलिक ने बताया कि वार्डबंदी की प्रक्रिया फिलहाल चल रही है। सरकार के निर्देशानुसार प्रक्रिया पूरी की जा रही है। अबकी बार शहरी और ग्रामीण विधानसभा के वार्डों को अलग किया जाएगा। इसी पर काम किया जा रहा है।