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Panipat News: बारिश का इंतजार, धान रोपाई में छूट रहे पसीने

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पानीपत। बीते करीब 10 दिनों से मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। जिले के कुछ हिस्सों में मूसलाधार बारिश ने लोगों विशेषकर किसानों को राहत दी है। जिले में 30 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र में धान रोपाई हो चुकी है लेकिन जिले का मतलौडा क्षेत्र बारिश से अछूता बना हुुआ है। एक दो बार हल्की बूंदाबांदी को छोड़ क्षेत्र के किसान बारिश को तरस रहे हैं। क्षेत्र में बारिश ने लंबा इंतजार दिखाया है जिससे धान रोपाई को लेकर किसानों के पसीने छूट रहे हैं।
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किसानों का कहना है कि बिजली की कम वोल्टेज आने से खेत तैयार नहीं हो पा रहे। बिजली के बार-बार कट लग रहे हैं। प्रचंड गर्मी में बिजली की मांग बढ़ने से ट्रांसफार्मर गरमा रहे हैं। बिजली की कमी व बारिश के इंतजार में रोपित धान के खेत सूख रहे हैं। रविवार को भी अधिकतर समय बादल छाए रहने के बावजूद दिनभर उमसभरी गर्मी का असर बना रहा जिससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। सुुबह के समय घनघोर घटा छाने के बावजूद छिंटपूट बूंदाबांदी के बाद बादल बिखर गए। वहीं, रविवार को दोपहर बाद छाई काली घटा के बाद बादलों की आंख-मिचौली का खेल चलता रहा। रविवार को अधिकतम तापमान 31 और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की गति करीब 20 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। वातावरण में नमी की मात्रा 70 प्रतिशत बनी रही। जिससे किसानों का बारिश का इंतजार और लंबा हो गया। किसान टकटकी लगाए आसमान में छाए बादलों को देखते रहे। बारिश की संभावना को देखते हुए किसान धान रोपाई की तैयारियों में लगे हुए हें। अधिकतर किसान अपने खेतों की जुताई कर चुके हैं। उन्हें तेज बारिश होने का इंतजार है। बारिश के साथ ही क्षेत्र में धान रोपाई का कार्य रफ्तार पकड़ेगा।



किसान बलबीर जागलान ने बताया कि वह आठ एकड़ धान की खेती करता है। उसने खेत कर रखे हैं। अब बारिश का इंतजार कर रहा है। बारिश होने के बाद वह धान रोपाई शुरू कर देगा। किसान रोहताश कुमार ने बताया कि जब तक और अधिक बारिश नहीं होगी, खेतों मे पानी न भरेगा, तब तक रोपाई कार्य मेे प्रगति की संभावना कम है। इसलिए बादलों की आवाजाही के बीच किसानों को तेज बारिश का इंतजार है। आगामी दिनों बारिश की संभावना से धान रोपाई में तेजी आएगी। धान रोपाई को लेकर किसानों को शुरुआती चरण में मजदूरों की कमी झेलनी पड़ सकती है। अभी तक प्रवासी मजदूरों का बहुत कम हुआ है।
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वर्जन-

इस बार जिले में करीब 75 हजार हेक्टेयर में धान की फसल लगाई जाएगी। मौसम विभाग की भविष्यवाणी के मुताबिक आगामी दिनों बारिश के प्रबल आसार बने हुए हैं जिसके बाद धान रोपाई में तेजी आएगी। नीचे गिर रहे जल स्तर को बचाने व खेती के खर्च कम करने व अधिक मुनाफे के लिए जिले के विभिन्न गांवों में जाकर टीमों ने किसानों को सीधी बुआई के लिए प्रेरित किया है।
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- डॉ. आदित्य डबास, उपनिदेशक, कृषि विभाग, पानीपत।
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