पानीपत। विधानसभा चुनाव में प्रमुख दल कांग्रेस और भाजपा दोनों फंसे हुए हैं। कांग्रेस विरोध के डर से पानीपत शहरी और ग्रामीण में प्रत्याशी की घोषणा नहीं कर पा रही है और भाजपा में प्रत्याशियों की घोषणा के छठे दिन भी विरोध नहीं थम पा रहा है। अब तक विरोध से दूर रही पानीपत ग्रामीण विधानसभा में प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रमेश मलिक ने अपने पद व सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने इस्तीफे में पार्टी काे विधायक तक ही सीमित रहने की बात कही है। वहीं इसराना विधायनसभा से राज्यसभा सांसद कृष्णलाल पंवार के सामने भाजपा पूर्व प्रदेश सचिव सत्यवान शेरा और समालखा में भाजपा के मनमोहन भड़ाना के सामने संजय छौक्कर ने निर्दलीय ताल ठोक दी है।
पानीपत शहर में विधायक प्रमोद विज के सामने संगठन के पुराने कार्यकर्ता पूर्व पार्षद लोकेश नांगरू नामांकन को लेकर रायशुमारी कर रहे हैं। उन्होंने मंगलवार को शगुन गार्डन सेक्टर-25 में समर्थकों की बैठक बुलाई है। विधानसभा चुनाव को लेकर नामांकन का 12 सितंबर को अंतिम दिन है। कांग्रेस पानीपत की चारों विधानसभा में से समालखा व इसराना के प्रत्याशी घोषित कर पाई है। पानीपत शहरी विधानसभा और पानीपत ग्रामीण विधानसभा में अब तक प्रत्याशी की घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में नेताओं के साथ उनके समर्थकों की भी धड़कन तेज बनी हुई हैं। कांग्रेस के दोनों विधानसभाओं के नेता पिछले कई दिन से दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। पिछले तीन दिन से सुबह से देर रात तक टिकटों को लेकर अपडेट जानने में लगे हुए हैं।
भाजपा में सोमवार को एक और इस्तीफा आ गया है। प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रमेश मलिक ने जिलाध्यक्ष दुष्यंत भट्ट के माध्यम प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली को अपना इस्तीफा दिया है। इससे पहले प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य संजय छौक्कर ने समालखा और भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष आशु सत्यवान शेरा इसराना विधानसभा से टिकट न मिलने पर इस्तीफा दे चुकी हैं। समालखा में शहरी मंडलाध्यक्ष समेत 49 लोगों ने एक साथ इस्तीफे दिए थे। भाजपा में अब 52 इस्तीफे आ चुके हैं। रमेश मलिक ने अपने इस्तीफे में लिखा कि वह 32 साल से पार्टी में ईमानदारी के साथ काम कर रहे हैं। उनकी पानीपत ग्रामीण विधानसभा में 2014 से अनदेखी की जा रही है। यह एक विधायक की पार्टी बनकर रह गई है। पुराने कार्यकर्ताओं को दबाया जा रहा है। हलके में साइन बोर्ड के अलावा कोई काम नहीं किए गए हैं। दर्जनों सड़क अधूरी पड़ी हैं। इसका नुकसान पार्टी को उठाना पड़ रहा है।
बॉक्स
तीनों विस में विरोध के सुर तेज
पानीपत शहर, इसराना व समालखा विधानसभा में भाजपा विरोध के सुर लगातार तेज हैं। पानीपत शहर में वरिष्ठ नेता एवं पूर्व पार्षद लोकेश नांगरू निर्दलीय नामांकन दाखिल करने को लेकर रायशुमारी ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे पार्टी के साथ हैं, लेकिन चुनाव में उतरने का मन बना चुके हैं। समालखा में प्रदेश कार्यकारिणी के पद से इस्तीफा देने वाले संजय छौक्कर 11 सितंबर को अपना नामांकन दाखिल करेंगे। वे भाजपा के मनमोहन भड़ाना के सामने अपना नामांकन दाखिल करेंगे। वहीं इसराना विधानसभा में पूर्व प्रदेश सचिव सत्यवान शेरा ने सोमवार को स्काईलार्क में मीडिया से रूबरू होकर इसराना विधानसभा से निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान किया। हालांकि वे भाजपा के प्राथमिक सदस्य बने हुए हैं। उनकी पत्नी आशु शेरा ने गत दिनों महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष व प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया है।
वर्जन :
विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी ने सबसे पहले प्रत्याशी घोषित किए हैं। लोगों की नाराजगी की दूर की जा रही है। सभी कार्यकर्ता साथ हैं। विधानसभा में इस बार चारों सीटों भाजपा की जीत तय है।
दुष्यंत भट्ट, जिलाध्यक्ष, भाजपा