पानीपत। एसडी पीजी कॉलेज में सात दिवसीय आवासीय राष्ट्रीय एकता शिविर का सोमवार को शानदार आगाज हुआ। हवन में आहुतियों के बाद दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। हरियाणा और पंजाब समेत तीन प्रदेशों के प्रतिभागियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियों में समा बांध दिया। इस दौरान स्वयंसेवकों ने अपनी-अपनी संस्कृति को साझा किया, जिसे लोगों ने काफी सराहा।
मुख्यातिथि उच्चतर शिक्षा विभाग के निदेशक राहुल हुड्डा और विशिष्ट अतिथि एनएसएस के क्षेत्रीय निदेशक देसराज, राज्य एनएसएस अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के जिला एनएसएस समन्वयक डॉ. आनंद कुमार, डिप्टी समन्वयक डॉ. नीरज बासित और राष्ट्रपति अवार्ड से सम्मानित स्वयंसेवक दीपक कुमार रहे। अति विशिष्ट अतिथि श्री एसडी एजुकेशन सोसाइटी (रजि.) के प्रधान अनूप कुमार, सचिव नरेश गोयल, कॉलेज प्रधान दिनेश गोयल, उप-प्रधान राजीव गर्ग, महासचिव महेंद्र अग्रवाल और कोषाध्यक्ष विशाल गोयल रहे। प्राचार्य डॉ. अनुपम अरोड़ा और कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राकेश गर्ग और डॉ. संतोष कुमारी ने मेहमानों का स्वागत किया।
राहुल हुड्डा ने कहा कि एनएसएस स्वयं सेवक का अर्थ बिना किसी आर्थिक लाभ के समाज के हर वर्ग के व्यक्ति की मदद करना है। राष्ट्रीय एकता शिविर में भाग लेने के दो सीधे फायदे होते है। एक तो हर राज्य से आया प्रत्येक स्वयंसेवक अपने-अपने राज्य का ब्रांड एंबेसडर है और दूसरा वह ऐसा दूत है जो अपने राज्य में जाकर देश के अन्य राज्यों से आए स्वयंसेवकों से मिलकर विभिन्न मिथकों और भ्रांतियों को दूर करेगा।
क्षेत्रीय निदेशक देसराज ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर शिविर लगाने से युवाओं और समाज में इसके सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेंगे। कॉलेज प्रधान दिनेश गोयल ने कहा कि कॉलेज के स्वयंसेवियों समाजहित में लगातार कार्य कर रहे हैं। श्रमदान, रक्तदान और पौधरोपण के कार्यों में बढ़ चढ़कर भाग लेते हैं। प्राचार्य डॉ. अनुपम अरोड़ा ने कहा कि स्वयंसेवकों के अपने व्यक्तित्व को विकसित करने के अवसर इस तरह के शिविर में मिलते हैं। उन्होंने बताया कि शिविर में 17 प्रदेशों के करीब 200 स्वयंसेवक शामिल होंगे। कॉलेज में 27 अक्तूबर तक शिविर चलेगा। इस दौरान हर रोज अलग-अलग विषयों पर चर्चा व व्यावहारिक ज्ञान पर सेमिनार कराए जाएंगे। सायंकालीन सत्र में एक दूसरे प्रदेश की सभ्यता और संस्कृति को जानने का मौका मिलेगा। इसमें समाज के लोगों को भी शामिल किया जाएगा।