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Panipat News: पीएचडीयू व सीसीयू शुरू होने तक करोड़ों के वेंटिलेटर बने रहेंगे शोपीस

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पानीपत। चार साल से कबाड़ पड़े तीन करोड़ के 29 वेंटिलेटर में से आठ वेंटिलेटर आईसीय व एसएनसीयू वार्ड में इंस्टॉल हो गए हैं लेकिन अब 21 वेंटिलेटर तब तक कबाड़ बने रहेंगे तब तक जिला नागरिक अस्पताल में पीडियाट्रिक हाई डिपेंडेंसी यूनिट व क्रिटिकल केयर ब्लॉक नहीं बनेगा। पीएचडीयू बनकर तैयार हो चुका है लेकिन इसकी सेवाएं शुरू होने होने में अब भी दो माह का वक्त लग सकता है। वहीं क्रिटिकल केयर ब्लॉक के लिए अब तक सिर्फ जगह ही चिह्नित हुई है। यह 50 बेड का ब्लॉक गंभीर मरीजों कें लिए बनना है। इसमें कितना वक्त लगेगा यह किसी को पता नहीं है। ऐसे में यह लगभग 2.10 करोड़ के वेंटिलेटर स्टोर रूम के शोपीस बने रहेंगे।
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कोरोना काल में सरकार व उद्यमियों की ओर से स्वास्थ्य विभाग को 29 वेंटिलेटर मिले थे। वेंटिलेटर के अभाव में जिला नागरिक अस्पताल से गंभीर रोगी रेफर होते रहे हैं, क्योंकि वेंटिलेटर के लिए आईसीयू अब सालों बाद तैयार किया जा रहा है। गंभीर रोगियों को 31 जुलाई से वेंटिलेटर की सेवाएं मिलना शुरू होगी। डॉक्टरों को सरकार की ओर से समय रहते वेंटिलेटर चलाने का प्रशिक्षण नहीं दिया गया। इसलिए वेंटिलेटर चार साल तक स्टोर रूप में कबाड़ की तरह पड़े रहे। अब आईसीयू में वेंटिलेटर संचालन के लिए तीन डॉक्टरों समेत आठ स्वास्थ्य कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिला नागरिक अस्पताल में दो डॉक्टरों के पास ही वेंटिलेटर चलाने का अनुभव है।



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अब छह बेड का आईसीयू बनाने की मिली अनुमति-

पानीपत, रोहतक व अंबाला में 31 जुलाई तक आईसीयू वार्ड तैयार करना है। पानीपत को छह बेड का आईसीयू बनाने की अनुमति मिली है। इसलिए छह वेंटिलेटर इंस्टॉल किए गए हैं। अगर एक मरीज के इलाज के दौरान वेंटिलेटर में कोई खराबी आती है तो बाकी वेंटिलेटर को बैकअप के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। आईसीयू व डॉक्टरों के प्रशिक्षण में अभाव में चार साल से लगभग तीन करोड़ के 29 वेंटिलेटर कबाड़ बने रहे। एक वेंटिलेटर की कीमत लगभग 10 लाख रुपये है। यह वेंटिलेटर पीएम केयर फंड, मुख्यमंत्री केयर फंड व उद्यमियों की ओर से मिले थे।
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वर्जन-

आईसीयू वार्ड की प्रभारी डॉ. कविता ने बताया कि फिलहाल आईसीयू में छह वेंटिलेटर इंस्टॉल किए गए हैं। बाकी वेंटिलेटर को बैकअप के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। बैकअप में 21 वेंटिलेटर रखे हैं। अस्पताल के सभी वेंटिलेटर वर्किंग में है। सभी वेंटिलेटर की जांच हो चुकी है। अगर कोई वेंटिलेटर खराब होता है तो इनका इस्तेमाल होगा।
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