फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panipat News: यूपी के किसानों को हरियाणा में खेती के लिए नहीं मिलती बिजली

विज्ञापन
विज्ञापन
पानीपत। कैराना के मवी गांव के किसानाें को हरियाणा क्षेत्र में टयूबवेल कनेक्शन नहीं मिल पा रहा है। ऐसे 30 से अधिक किसान हैं। किसानों का आरोप है कि प्रशासन उनको बिजली कनेक्शन नहीं दे रहा है। ऐसे में उनको ट्यूबवेल इंजन चलाकर अपनी काश्त करनी पड़ रही है। किसानों को रात को खेतों में भी रहना पड़ता है और साथ ही महंगे दाम का डीजल जलाना पड़ता है। ऐसे में कृषि उपकरणों की देखरेख के लिए पांच से छह किसानों को हरियाणा में ही रात में डेरा डालना पड़ता है।
विज्ञापन

गांव मवी के सौ परिवार की कृषि भूमि यमुना का बहाव बदलने के कारण यमुना के इस तरफ आ गए हैं। इन किसानों की करीब 2235 बीघा जमीन राजस्व रिकार्ड में यूपी के किसानों के नाम पर दर्ज है, जबकि उक्त भूमि पर करीब 20-25 साल से हरियाणा के किसान कब्जा कर फसल बिजाई कर रहे हैं। जिन किसानों की जमीन पर कब्जे नहीं है, ऐसे 30 किसान बिजली कनेक्शन नहीं मिलने के कारण डीजल खर्च कर सिंचाई करने पर मजबूर हैं। जिससे फसल की लागत अधिक आती है। यमुना में अगर पानी कम होता है तो किसान यमुना पैदल पार करके अपने खेतों में चले जाते हैं और अगर पानी अधिक हो तो करीब 10 किलोमीटर चलने के बाद ही खेतों तक पहुंचना संभव होता है। ऐसे किसानों ने अपने खेतों पर झोपड़ियां डाल रखी है। कुछ समय फसलों की देखरेख के लिए हरियाणा में ही सोने को मजबूर होते हैं जबकि कुछ दिन में खेती कर वापस चले आते हैं।

बॉक्स
यह बोले किसान
सरकार नहीं दे रही बिजली
मवी गांव के रहने वाले मांगेराम ने बताया कि उनकी करीब 100 बीघा जमीन हरियाणा में है। उसने गन्ने की फसल लगा रखी है, लेकिन सिंचाई के लिए सरकारी बिजली नहीं है। डीजल इंजन चलाकर सिंचाई करनी पड़ती है। बार बार मांग के बावजूद सरकार बिजली नहीं दे रही, जिसके कारण आर्थिक मार पड़ रही है।
विज्ञापन


बॉक्स

मुआवजा तक नहीं मिला
मवी निवासी किसान ऋषिपाल ने बताया कि उसकी यमुना पार रिशपुर में चार बीघा जमीन थी। करीब चार माह पहले यमुना में आयी बाढ़ उसकी फसल को बहा कर ले गई। मुआवजा अभी तक नहीं मिला। रात में देखरेख को परिवार के एक सदस्य को खेतों में सोना पड़ता है।

बॉक्स

मजदूरी करने को मजदूर
मवी निवासी रमेश चंद ने बताया कि उसकी चार बीघा जमीन यमुना पार पानीपत में थी। एक साल पहले बाढ़ में जमीन भी बह गई थी। मुआवजा नहीं मिला। अब मजदूरी करके परिवार को पेट पालने को मजबूर हूं।

बॉक्स

बिजली की व्यवस्था होनी चाहिए
मवी निवासी किसान कृष्णपाल सिंह, सेंकी पाल, जगरोशन का कहना है कि हरियाणा में खेती करने वाले किसानों के लिए बिजली की व्यवस्था सरकार को करनी चाहिए। ताकि किसानों को परेशानी नहीं हो। उन्होंने कहा कि उनकी कब्जाई गई जमीन को भी छुड़वाने का प्रयास करना चाहिए।


वर्जन :


कैराना क्षेत्र के किसानों को हरियाणा में खेती के लिए बिजली नहीं मिलने का मामला संज्ञान में नहीं है। हरियाणा प्रशासन से बात कर समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। सीमा विवाद को सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है।
संतोष कुमार सिंह, एडीएम शामली।
वर्जन :

ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए किसान को कुछ शर्तों का पालन करना होता है। जैसे कि उसके पास जमीन से संबंधित कागजात और 2021 से पहले कनेक्शन के लिए एप्लाई होना चाहिए। किसान कहीं का भी हों। उसको कनेक्शन दिया जा सकता है।
विज्ञापन

डीएस छिक्कारा, एसई, बिजली निगम।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें