पानीपत। पानीपत डिपो की वर्कशॉप में जाम छलकाना दो वर्कशॉप कर्मचारियों को महंगा पड़ गया। डिपो महाप्रबंधक कुलदीप जांगड़ा ने ड्यूटी पर शराब पीने की सूचना मिलने पर रात में ही दो इंस्पेक्टरों के साथ छापामारी की। इस दौरान नशे में धुत्त दोनों कर्मचारियों को पकड़कर रात में ही उनका मेडिकल कराया। फिर दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इस मामले रोडवेज कर्मचारी बातचीत करने से भी बचते नजर आए।
जानकारी के अनुसार, रोडवेज वर्कशॉप में कार्यरत मैकेनिक फूलसिंह और कृष्ण की रविवार को नाइट शिफ्ट में ड्यूटी थी। रात में चल रही रोडवेज की बसों के ब्रेकडाउन को दुरुस्त करने का जिम्मा उन्हें सौंपा गया था। ड्यूटी पर आने के बाद रात लगभग 11 बजे उन्होंने वर्कशॉप परिसर में ही शराब पीना शुरू कर दिया। तभी एक रोडवेज कर्मी ने इसकी सूचना महाप्रबंधक को दी। इसके बाद महाप्रबंधक ने दो स्टैंड इंस्पेक्टरों की टीम सहित पानीपत डिपो परिसर में छापामारी की। वर्कशॉप में जैसे ही शराब पी रहे कर्मचारियों के पास महाप्रबंधक पहुंचे तो वर्कशॉप कर्मियों के होश उड़ गए। वर्कशॉप मैनेजर रमेश कुमार देशवाल को भी देर रात हुई कार्रवाई का सोमवार की सुबह पता चला। उन्होंने कहा कि मुझे सोमवार सुबह वर्कशॉप में कर्मचारियों के शराब पीने का पता चला। अगर कोई कर्मचारी ड्यूटी के दौरान नशा करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी ही चाहिए।
बता दें कि रविवार शाम को ही महाप्रबंधक कुलदीप जांगड़ा टीम के साथ बसों की चेकिंग कर रहे थे। शाम 7:20 बजे कैराना-शामली रूट पर चल रही बस को रुकवा कर उसकी चेकिंग कराई। परिचालक ने बिना टिकट दिए दो सवारियां बस में बैठा रखी थी। उसके पास हिसाब में से भी 45 रुपये कम मिले। फिलहाल मामले की जांच चल रही है, अभी परिचालक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
ड्यूटी के दौरान शराब पी रहे दोनों मैकेनिकों को मेडिकल कराने के बाद सस्पेंड कर दिया गया है। फिलहाल परिचालक के मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
- कुलदीप जांगड़ा, महाप्रबंधक रोडवेज डिपो पानीपत