पानीपत। बिजली निगम की लापरवाही से उल्टे सीधे बिलों के आने पर उपभोक्ता परेशान हैं। निगम अधिकारी हैं कि अपनी गलती मानने तक को नहीं तैयार हैं और न ही उपभोक्ताओं की सुनने को राजी। ऐसे में उपभोक्ता निगम के चक्कर काटकर थक चुके हैं। ऐसा ही एक मामला समालखा सब डिविजन के अंतर्गत चुलकाना गांव में आया है। यहां एक किसान को 81.78 लाख रुपये का बिल दे दिया गया। वह आठ महीने से बिल ठीक कराने के लिए चक्कर काट रहा है। अब भी उसको केवल आश्वासन ही मिल रहा है।
चुलकाना गांव निवासी अनिल ने बताया कि वह खेती करता है। उसके घर में दो किलोवाट का बिजली कनेक्शन है। उसका करीब आठ महीने पहले 31,800 रुपये का बिजली बिल है। उसकी रीडिंग के हिसाब से बिल गलत था। उसने इससे ठीक करवाने की प्रार्थना की, लेकिन बिल ठीक नहीं किया गया। अगला बिल करीब 78 लाख रुपये का भेज दिया। उसने अधिकारियों काे फिर गुहार लगाई। निगम ने तीसरी बार 79 लाख रुपये का बिल बनाकर भेज दिया। वह अधिकारियों के पास पहुंचा। उसको आश्वासन दिया गया, लेकिन चौथी बार 81.78 लाख रुपये का बिल बना दिया गया।
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मीटर में केवल 14,500 यूनिट
किसान अनिल ने बताया कि उसका केवल दो किलोवाट का लोड है और मीटर में रीडिंग चौदह हजार पांच सौ है। रीडिंग के हिसाब से भी उसका हर बार गलत बिल भेजा जा रहा है। उसने बिजली निगम में इसकी शिकायत दी है। एसडीओ ने दस दिन के अंदर बिल ठीक करवाने की बात कही है।
वर्जन :
अनिल की बिजली बिल से संबंधित शिकायत मिली है। संबंधित सीए से रिपोर्ट ली है। किसान का बिल रीडिंग के आधार पर दिया जाएगा।
हिम्मत सिंह, एसडीओ, समालखा डिविजन।