माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। हिट एंड रन कानून के विरोध में ट्रक व कैंटर चालकों की हड़ताल में हरियाणा रोडवेज भी समर्थन में आ गई है। रोडवेज ने नए कानून के विरोध में बुधवार को सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक बसों का चक्का जाम करने का फैसला लिया है। साझा मोर्चा के आह्वान पर इस दौरान डिपो से कोई भी बस नहीं चलाने का फैसला लिया है। हड़ताल के दौरान करीब 7 हजार ट्रक और टैंकरों के पहिए थमे रहे।
उधर टैंकर चालकों की हड़ताल के चलते जिले समेत प्रदेश में पेट्रोल पंपों पर तेल की मांग बढ़ गई है। पंप मालिकों से दो से तीन गुना अधिक खपत बढ़ने की बात कही है। वहीं ट्रक चालकों ने पानीपत, सनौली व नौल्था टोल प्लाजा पर हड़ताल रख सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। चालकों ने कानून को वापस लेने की मांग की। ऐसे में पानीपत से एक्सपोर्ट होने वाले माल को लेकर उद्यमियों व व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। इन सबके बीच पेट्रोलियम डीलर वेलफेयर एसोसिएशन ने लोगों को तेल को लेकर किसी प्रकार की भगदड़ न मचाने की अपील की है।
रिफाइनरी की विभिन्न तेल कंपनियों के चालकों ने मंगलवार को हड़ताल रखी। इससे पानीपत समेत प्रदेश के कई हिस्सों में तेल की सप्लाई नहीं हो सकी।
टैंकर चालकों ने कहा कि कोई भी चालक सड़क पर किसी को मारने को नहीं उतरता। वे खुद के साथ सामने वाले की सुरक्षा का ध्यान रखते हैं। ट्रक चालक की बजाय छोटे वाहन चालक की गलती हादसों का कारण बनती हैं, लेकिन सजा ट्रक व कैंटर चालक को मिलती है। हिट एंड रन कानून के बाद चालकों की मुश्किलें बढ़ जाएंगी।
उन्होंने कहा कि सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती है तो वे हड़ताल को तेज करने को मजबूर होंगे।पानीपत ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन के प्रधान धर्मबीर मलिक ने बताया कि ड्राइवर गाड़ी चलाने को तैयार नहीं हैं। वे वापस आने पर ट्रांसपोर्टरों को चाबी देकर हड़ताल में शामिल हो रहे हैं। सरकार को इस तरह का कानून वापस लेना चाहिए।
रोडवेज साझा यूनियन के आह्वान पर बुधवार को सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक हड़ताल रहेगी। डिपो प्रधान अनिल कुंडू ने बताया कि हिट एंड रन कानून चालकों के लिए चिंताजनक है। कोई भी चालक किसी को जान बूझकर टक्कर नहीं मारता। वे हादसे में घायलों को अस्पताल भी लेकर जाते हैं। सरकार को नया कानून वापस लेना चाहिए। रोडवेज के चालक व अन्य कर्मचारी बुधवार को पुराना बस स्टैंड पर धरना प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान रोडवेज डिपो से कोई भी बस नहीं जाएगी।
टैंकर चालक एसोसिएशन ने हिट एंड रन कानून के विरोध में हड़ताल रखी है। हड़ताल से पंचकूला और अंबाला के पेट्रोल पंपों पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है। पंचकूला में करीब 70 प्रतिशत पेट्रोल पंप ड्राई हुए हैं। बाकी प्रदेश में अभी पंप ड्राई होने जैसी कोई स्थिति नहीं है। हड़ताल की जानकारी लगने के बाद पंपों पर पेट्रोल और डीजल की मांग करीब तीन गुना बढ़ी है। टैंकर चालकों की बुधवार को हड़ताल खत्म होने की उम्मीद है। लोगों को जरूरत के हिसाब से ही तेल लेना चाहिए। - संजीव चौधरी, प्रदेशाध्यक्ष, हरियाणा पेट्रोलियम डीलर वेलफेयर एसोसिएशन।