पानीपत। हरि नगर के राम स्वरूप चौक के पास एक अधेड़ ने सांस और फेफड़ों की बीमारी से तंग आकर अपनी हाथ व गले की नसें काट कर मौत को गले लगा लिया। वह पीछे डेढ़ साल से इन बीमारियों से परेशान था। वह कोई काम नहीं कर पाता था। रविवार को खुद को अकेला घर में पाकर उसने चाकू से अपने शरीर पर तीन बार हमला किया। अत्यधिक रक्तस्राव से उसकी मौत हो गई। किला थाने की पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर पोस्टमार्टम के बाद शव उन्हें सौंप दिया।
रामस्वरूप चौक निवासी वीरेंद्र (52) उर्फ पप्पू पिछले डेढ़ साल से बीमार चल रहे थे। वह सांस और फेफड़ों की बीमारी से जूझ रहे थे। कई अस्पतालों से इलाज कराया, लेकिन आराम नहीं हुआ। दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है। बेटा भी बहन के पास रहता है। वीरेंद्र की पत्नी शीला रविवार को पड़ोस में गई थीं। घर में अकेला वीरेंद्र चाकू से अपनी गर्दन व हाथ पर तीन वार किए। नसें कटने के कारण कुछ देर बाद वह बेसुध हो गया। लगभग डेढ़ घंटे बाद पत्नी घर आई तो वह खून से लथपथ हालत में मिला। पड़ोसियों की मदद से शीला उन्हें लेकर सिविल अस्पताल पहुंची। यहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।