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इस बार भीषण गर्मी के आसार, टूट सकता है 77 साल का रिकॉर्ड

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पानीपत। दिल्ली और एनसीआर के शहरों के साथ जिले में गर्मी ने धीरे-धीरे लोगों को दिन के साथ रात में भी परेशान करना शुरू कर दिया है। विशेषकर शहरी क्षेत्रों में रात के साथ अब दिन में भी एयर कंडीशन चलाने की नौबत आ गई है। बीते चार दिनों से न्यूनतम और अधिकतम तापमान में इस कदर इजाफा हुआ कि लोगों को दिन में भी एयर कंडीशन चलाने पड़ रहे हैं। शहर के लोगों की शनिवार को सुबह की शुरुआत गर्मी के साथ हुई।
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वहीं, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, अगले एक सप्ताह के दौरान इस गर्मी से निजात मिलने वाली नहीं है। ऊपर से गर्मी में लगातार इजाफा ही होगा। इस बीच मौसम विभाग पिछले सप्ताह ही पूर्वानुमान जता चुका है कि मार्च के महीने में ही गर्मी 77 सालों का रिकॉर्ड तोड़ सकती है। इसके साथ ही गर्मी का नया आल टाइम रिकॉर्ड भी बन सकता है।
बता दें कि मार्च महीने में अब तक का आल टाइम रिकॉर्ड 31 मार्च 1945 के नाम है जब अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था। इस साल 19 मार्च तक ही अधिकतम तापमान करीब 38 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। शनिवार को भी अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री सेल्सियस रहा। इस साल भी अधिकतम तापमान में सप्ताह भर से हर रोज ही इजाफा हो रहा है। मौसम विभाग की ही मानें तो अगले दो तीन दिन में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। ऐसे में 31 मार्च से पहले रिकार्ड टूटने की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता।
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बारिश के नहीं हैं आसार, गर्म हवाएं कर सकती हैं परेशान
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, अगले एक सप्ताह के दौरान मौसम में कोई खास बदलाव नहीं होगा। इसके साथ गर्मी में इजाफा ही होने के आसार बन रहे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, इस माह 31 मार्च तक बारिश की संभावना नहीं है। रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ने का भी अनुमान लगाया गया है। खासतौर से मई-जून में लू के साथ भीषण गर्मी पड़ने के आसार हैं।
पहले मानसून व सर्दी ने तोड़े रिकॉर्ड, अब गर्मी तोड़ सकती है रिकॉर्ड
मौसम विभाग के मुताबिक, पहले मानसून में रिकॉर्ड तोड़ बारिश, फिर जाड़े में रिकॉर्ड तोड़ सर्दी और अब मार्च में गर्मी भी नया रिकॉर्ड बनाने की ओर अग्रसर है। शनिवार तक अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री पहुंच चुका है। ऐसे में माह खत्म होने तक यह 40 डिग्री तक चला जाए तो हैरत नहीं। 26 मार्च को ही अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस पहुंचने के आसार हैं।
राजस्थान पर बना एंटी साइक्लोन गर्मी का कारण
वहीं, मौसम विज्ञानियों की मानें तो इस साल मार्च में अधिक गर्मी पड़ने की प्रमुख वजह पश्चिमी राजस्थान के ऊपर एंटी साइक्लोन यानी विपरीत चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना होना है। इसके चलते उत्तर पश्चिमी हवाएं घड़ी की दिशा में उल्टी दिशा से घूमकर आ रही हैं तो मध्य पाकिस्तान की गर्मी भी यहां पहुंच रही है। इसीलिए गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर भारत के हिस्सों में तापमान चार से पांच डिग्री तक बढ़े हुए हैं।
आगामी दिनों का पानीपत का संभावित तापमान
तिथि तापमान
20 मार्च 38-21
21 मार्च 38-20
22 मार्च 38-20
23 मार्च 38-20
24 मार्च 39-19
25 मार्च 40-20
26 मार्च 42-19
मौसम की परिस्थितियां बदलती रहती हैं। मार्च 2020 में रिकार्ड बारिश हुई तो अधिकतम तापमान सिर्फ 33.3 डिग्री रह गया। अबकी बार बारिश अभी तक नहीं हुई हालांकि तब भी 35 से 36 डिग्री तापमान को बहुत ज्यादा नहीं कहा जा सकता। इसलिए मार्च में रिकार्ड गर्मी को लेकर अभी कुछ कहना मुश्किल है लेकिन जिस तरह से गर्मी बढ़ रही है ऐसे में रिकार्ड टूट जाए तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए।
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- डॉ. डीएस बूंदेला, मौसम वैज्ञानिक।
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