समालखा। रेलवे रोड को मनाना फाटक पार बसी कई कालोनियों और करीब आधा दर्जन गांवों को जोड़ने वाला 22 फुटा रोड अवैध कब्जों के चलते आठ फुट से भी कम रह गया है। इसी वजह से मंगलवार को यहां से गुजर रहा धान से भरा एक ट्रक 12 घंटे से रेलवे रोड के पास फंसा हुआ है। 12 घंटे से लगे इस जाम के कारण आधा दर्जन गांवों में रास्ता बंद होने से आवागमन प्रभावित रहा।
उल्लेखनीय है कि जाम के कारण शहर की काॅलोनियों के साथ साथ फाटक पार के गांव मनाना, नारायणा, ढोडपुर, वजीरपुर टिटाना, डिडवाडी, बुडशाम, खलीला प्रहलादपुर के ग्रामीणों को शहर में आने के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। समालखा आने जाने का एकमात्र रास्ता सुबह से जाम की वजह से बंद रहा। गली में फंसे ट्रक को निकालने के लिए दो क्रेन लगी हुई हैं, लेकिन देर शाम तक फंसे ट्रक को निकाला नहीं जा सका है।
उल्लेखनीय है कि रेलवे रोड से मनाना फाटक तक का यह रोड कहने को तो 22 फुट का है लेकिन अवैध कब्जाधारियों के कारण रोड संकुचित होकर रह है। इसके चलते इस सड़क पर वाहनों का गुजरना मुश्किल हो रहा है। जिसको लेकर आस पास के ग्रामीणों ने बीते दो सालों से शहर समालखा से नारायणा, मनाना, ढोढ़पुर आदि सहित अन्य गांवों को जोड़ने वाली एक मात्र सड़क की निशानदेही को लेकर नगर पालिका में लिखित शिकायत भी दे चुके हैं। अनिल नारायणा, राजेश खोखर, विनोद मनाना, राजेश, चांद, बिट्टू, सुरेश, बलराज, लख्मी, सुंदर, मुकेश आदि ग्रामीणों का कहना है कि कितनी ही बार उच्च अधिकारियों से मिलकर गंभीर समस्या से अवगत करा चुके हैं लेकिन अधिकारी समस्या पर कोई ध्यान न देकर मौन बने बैठे रहते हैं।
ग्रामीणों ने चेताया जल्द समाधान नहीं हुआ तो उपायुक्त से मिलेंगे
ट्रक चालक ने बताया कि ट्रक गोहाना से धान भरकर गन्नौर के लिए रवाना हुआ था। रास्ते का न पता होने के कारण गलत रास्ता ले लिया। रास्ता तंग होने की वजह से ट्राला फंस गया। रास्ता अवरुद्ध होने की वजह से अगर ऐसे में किसी के साथ अप्रिय घटना घटित होती है तो एंबुलेंस को मौके पर पहुंचने में काफी समय लग सकता है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर इस समस्या का जल्दी समाधान नहीं हुआ तो वे जिला उपायुक्त को मिलेंगे।
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इस संदर्भ में नगर पालिका के जूनियर अभियंता गौरव कुमार ने बताया कि नगर पालिका ने सड़क की निशानदेही कराने के लिए तहसीलदार को लिखा हुआ है। उधर तहसीलदार कार्यालय का कहना है कि नगर पालिका ने अभी तक निशानदेही के लिए फीस जमा नहीं कराई है।