पानीपत। शहर थाने के सामने ओवरब्रिज के नीचे रोडवेज बस से सवारियां उतारने को लेकर चालक और होमगार्ड में विवाद हो गया। होमगार्ड ने चालान करने के लिए बस की फोटो खींची तो चालक ने उसका फोन लेकर जेब में रख लिया। ट्रैफिक मैनेजर को सूचित कर होमगार्ड को साथ लेकर कार्यालय पहुंचा। वहां ट्रैफिक मैनेजर ने चालक और होमगार्ड के जवान को यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर कार्य करने की हिदायत दी।
चालक प्रमोद कुमार ने बताया कि बुधवार दोपहर लगभग 12 बजे वे मेरठ से रोडवेज बस लेकर पानीपत आए थे। यहां थाना शहर के सामने ओवरब्रिज के नीचे साइड में बस रोक दी। पानीपत के लगभग 30 यात्री उतरने शुरू हुए कि तभी होमगार्ड के दो जवान आ गए। सामने खड़े होकर बस की फोटो ली तो चालक ने उन्हें टोक दिया। सुरक्षा के मद्देनजर सवारियों को ओवरब्रिज के नीचे उतारने की बात कही तो दोनों में बहस हो गई। होमगार्ड ने चालान काटने की चेतावनी दी तो चालक ने फोन ले लिया। दोनों जवान फोन मांगने लगे तो डिपो में सूचना दे दी। फिर चालक-परिचालक दोनों जवानों के साथ ट्रैफिक मैनेजर के कार्यालय पहुंचे। जहां ट्रैफिक मैनेजर ने दोनों पक्षों को समझा कर मामला शांत कराया।
20 मिनट खड़ी रही यात्रियों से भरी बस
मेरठ से पानीपत आई बस में करनाल के यात्री भी सवार थे। चालक और होमगार्ड में बहस होने पर चालक सवारियाें से भरी बस को छोड़कर डिपो में चला गया। वहां लगभग 20 मिनट बाद मामला शांत हुआ तो बस करनाल के लिए रवाना हुई। चालक-परिचालक ने बस लेट होने पर सवारियों से हाथ जोड़ खेद जताया।
चालान गलत, क्या सड़क पर उतरे सवारी
सदर बाजार करनाल के प्रथम ने बताया कि वह वंदे मातरम चौक से करनाल जाने के लिए बस में सवार हुआ था। चालक ने सही ढंग से बस को ओवरब्रिज के नीचे खड़ा करके सवारियां उतारनी शुरू की। तभी होमगार्ड के जवानों ने हंगामा कर दिया। उन्होंने ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई को गलत बताया।
वर्जन
चालक प्रमाेद ने घटना बारे सूचना दी थी। होमगार्ड के जवान भी डिपो स्थित कार्यालय में आए थे। चालान को लेकर मामूली बातचीत हुई थी, फिर दोनों को समझा दिया था।
- पंकज पूनिया, ट्रैफिक मैनेजर रोडवेज डिपो पानीपत