पानीपत। जिला नागरिक अस्पताल में पिछले काफी समय से दवाओं का टोटा चल रहा है। अस्पताल में हर बीमारियां की दवाओं की कमी है। अस्पताल के मेडिकल स्टोर में लगभग 60 प्रतिशत दवाएं ही हैं। पिछले काफी समय से अस्पताल में पेट में संक्रमण, एंटी बायोटिक, उल्टी व दर्द की दवाएं नहीं है। बच्चों के लिए विटामिन सिरप नहीं है। चमड़ी संबंधी रोग की महज एक या दो दवाएं ही हैं। ऐसे में मरीजों को बाहर से दवाएं खरीदनी पड़ती है। मरीजों की जेब पर दोगुना प्रभाव पड़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि अस्पताल प्रबंधन ने डिस्पेंसरी के बाहर वर्ष 2018 में 201 दवाओं का बोर्ड लगाया था। आज तक इस बोर्ड को अपडेट तक नहीं किया गया है। बोर्ड के अनुसार यहां पर सभी प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं। गर्मियों की बीमारी डायरिया, चमड़ी व नेत्र रोग जैसी बीमारियों के कारण अस्पताल की ओपीडी 1200 से अधिक हो चुकी है। हर रोज दवाओं के लिए रोगियों को रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। दो दिन पहले अस्पताल प्रशासन ने एक लाख रुपये की दवाई की डिमांड भेजी थी।
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अस्पताल में दर्द निवारक दवा तक नहीं
सिविल अस्पताल में दर्द निवारक तक उपलब्ध नहीं है। डॉक्टर जांच के बाद पर्ची पर दर्द निवारक लिखते हैं लेकिन अस्पताल में दर्द निवारक है ही नहीं। मरीजों को यह दवा बाहर से लेनी पड़ती है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से कई बार डिमांड भेजी जा चुकी है लेकिन समाधान नहीं हुआ है।
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दवाओं की कमी दूर करने का कर रहे प्रयास
स्वास्थ्य विभाग अब जिला नागरिक अस्पताल में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलने जा रहा है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग दवा खरीदेगा। फार्मासिस्ट दवाओं का ऑर्डर तैयार कर रहे हैं। पहले लगभग दो लाख रुपये की दवा खरीदी जाएगी। फार्मासिस्ट दवाओं का ऑर्डर तैयार कर रहे हैं। यहां बाहर की अपेक्षा 80 प्रतिशत तक सस्ती दवाएं मिलेगी। सिविल अस्पताल के ओपीडी ब्लाक में 14 जून 2019 को प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोला गया था। तत्कालीन एसडीएम वीना हुड्डा ने इसका शुभारंभ किया था। जिला रेडक्रॉस सोसायटी इसका संचालन कर रही थी। कुछ समय तक केंद्र चला और फिर डीजी हेल्थ ने इसे अस्पताल परिसर से बाहर शिफ्ट करने के आदेश दिए थे। पत्र में कहा गया था कि किसी संस्था को अस्पताल परिसर में स्थान नहीं दिया जा सकता है। 2022 में नागरिक अस्पताल का जन औषधि केंद्र बंद कर दिया गया था। अब दोबारा यह केंद्र खोला जाएगा।
वर्जन-
सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि जो भी दवाएं खत्म होती हैं तुरंत ऑर्डर कर मंगवाई जाती है। वह अस्पताल प्रशासन से दवाओं संबंधी जानकारी लेंगे। अगर अस्पताल में दवाओं की कमी है तो इसे तुरंत पूरा किया जाएगा।