पानीपत। शहर में अवैध विज्ञापनों समेत थर्ड पार्टी विज्ञापनों भी भरमार हो रही है। शहर के ज्यादातर दुकानदार अपनी दुकानों के बाहर दुकानों में बेचे जाने वाले ब्रांड का विज्ञापन लगाकर उनकी पब्लिसिटी कर रहे हैं। वहीं, थर्ड पार्टी के विज्ञापन लगाने वालों पर निगम कई बार कार्रवाई भी कर चुका है। अब तक शहर में 150 से ज्यादा दुकानदार एवं वाणिज्यिक संस्थानों को नोटिस तक दिए जा चुके हैं। इसके अलावा शहर में कई बार बड़े स्तर पर अभियान चलाकर थर्ड पार्टी के विज्ञापन हटवाए जा चुके हैं। बावजूद शहर में फिलहाल भी थर्ड पार्टी के विज्ञापनों का बोलबाला है।
सरकार के निर्देशानुसार शहर के लोग निगम से अनुमति लेकर और फीस जमा करवाकर थर्ड पार्टी का विज्ञापन भी करवा सकते हैं। इसके लिए संबंधित आय का 40 प्रतिशत निगम को देना होगा और 60 प्रतिशत विज्ञापन लगाने वाली पार्टी का हो सकता है। इस नियम के बाद भी शहर में से एक भी थर्ड पार्टी विज्ञापन वाले उपभोक्ता ने निगम से अनुमति नहीं ली है।
शहर में लगने वाले थर्ड पार्टी विज्ञापनों से एक ओर नगर निगम को राजस्व का नुकसान हो रहा है तो दूसरी ओर से विज्ञापन हादसों का कारण भी बन जाते हैं। शहर में अवैध साइटों पर लगे भ्रामक प्रचारों के विज्ञापनों को देखकर कई बार वाहन चालक असंतुलित हो जाते हैं। जिससे कई बार दुर्घटना होने का अंदेशा बना रहता है। विशेष तौर पर पुल से नीचे उतरते, उपर चढ़ते और पुल के नीचे वाले ब्लाइंड कटों पर लगे विज्ञापन हादसों का कारण बन सकते हैं।
बॉक्स
अनुमति नहीं तो अवैध
बिना अनुमति के दुकानों के बाहर लगे सभी विज्ञापन अवैध हैं केवल दुकानदार अपनी दुकान का नाम ही बाहर लगा सकता है। उसके लिए भी एक निर्धारित स्पेस तय किया गया है। इसके अलावा दुकान के बाहर या दीवार पर लगाया किसी भी प्रकार के ब्रांड का स्टीकर, बैनर, पोस्टर या पेंटिंग अवैध विज्ञापन के तौर पर मानी जाएगी। इनको लगाने के लिए भी निगम से अनुमति लेनी अनिवार्य है।
वर्जन:
नियमित रूप से हो रही कार्रवाई निगम
शहर में थर्ड पार्टी विज्ञापन लगाने वाले करीब 150 से ज्यादा दुकानदाराें को निगम नोटिस भेज चुका है। अगर थर्ड पार्टी विज्ञापन साइट की परमिशन निगम से ली जाती है और निगम को इसका भुगतान किया जाता है तो विज्ञापन लगाने की अनुमति मिल सकती है। थर्ड पार्टी विज्ञापन लगाने वालों पर फिर से कार्रवाई की तैयारी की जाएगी।
राहुल पूनिया, एक्सईएन, नगर निगम।