रिफाइनरी में काम रहे एक 34 वर्षीय मजदूर को उल्टी दस्त हो गए, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। वह डॉक्टर के पास जाने के लिए रुम से निकला और पास की ही एक खाली पड़ी झोपड़ी में गम्छे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को दी शिकायत में परिजनों ने बताया कि राजकुमार घोष पुत्र निताई घोष निवासी जिला मालदा, पश्चिम बंगाल का रहने वाला था। गत 15 दिन पहले ही पानीपत में आया था। वह रिफाइनरी में मेहनत मजदूरी करता था। उसकी शुक्रवार को हालत बिगड़ गई। उल्टी दस्त से परेशान होकर वह अपने साथियों को डॉक्टर के पास जाने की बात कहकर निकल गया। वहीं सभी साथी काम पर चले गए। सभी रात साढे़ 10 बजे आए तो राजकुमार कमरे पर नहीं मिला। जिसके बाद उन्होंने तलाश शुरू की। डॉक्टर को फोन मिलाकर पूछा तो पता चला कि वह डॉक्टर के पास भी नहीं गया। जिसके बाद वह तलाश करते करते पास की एक झोपड़ी के अंदर पहुंचे तो वहां पर राजकुमार ने गम्छे से फंदा लगाया हुआ था। उन्होंने नीचे उतारा तो वह मृत था। उसका पूरा परिवार गांव में ही रहता था।