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Panipat News: इकलौते बेटे को लेकर गंगा स्नान करने चली पत्नी ताे पति बोला मेरे बेटे को सकुशल ले आना

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- तीन बहनों के बाद मन्नतों से पैदा हुआ था मोहित, पहली बार मां संग जा रहा था हरिद्वार
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-गंगा एक्सप्रेस-वे पर हादसा स्थल पर नहीं थी स्ट्रीट लाइट, ब्लाइंड कटों पर भी ब्रेकर न होने की वजह से होते है हादसे

-डाडौला गांव के दंपती की मौत के बाद परिजन कर चुके रोड जाम, फिर भी नहीं हो रही सुनवाई

फोटो-6 और 9 से 15, 29-

आशु गौतम

पानीपत। गंगा एक्सप्रेस-वे पर शुक्रवार रात को गाते बजाते गंगा स्नान के लिए हरिद्वार जाने वाले श्रद्धालुओं पर ट्रक पानीपत के रिशपुर में मौत बनकर चला। कुछ ही देर में सब खुशियां मातम में बदल गई। परिवार में घायलों व मृतकों के शव संभालने वाला भी नहीं मिला। पास पड़ोस व रिश्तेदारों ने आकर उनको संभाला। सबसे बड़ा झटका हिसार के मदनपुरा निवासी भीम सिंह को लगा। हादसे में उसने अपने इकलौते बेटे को खो दिया। इकलौते बेटे को लेकर गंगा स्नान करने चली पत्नी से उन्होंने बोला मेरे बेटे को सकुशल ले आना, लेकिन ऐसा हो न सका। घर का चिराग बुझने पर पूरे परिवार में मातम छाया हुआ है।
दरअसल जींद के कमाच खेड़ा का सरंपच संजय भीम सिंह का मौसेरा भाई है। वह सरपंच बनने के बाद परिवार व रिश्तेदारों को पूर्णिमा पर गंगा स्नान कराने ले जा रहा था। भीम सिंह की पत्नी बिमला ने बेटे मोहित (15) के साथ गंगा स्नान करने का मन बनाया। उसने अपने पति भीम सिंह से इस बारे चर्चा की। भीम सिंह ने सिविल अस्पताल में रोते बिलखते बताया कि उसने अपनी पत्नी को बेटे को साथ न जाने की कही थी। मोहित भी गंगा स्नान की कहने लगा तो वह बेटे की खुशी को रोक नहीं पाया। उसने अपनी पत्नी को इतना कहा था कि बेटे को सकुशल वापस ले आना। यही मेरी मनाेकामना है। भीम सिंह ने बताया कि उनके चार बच्चे हैं। प्रीति, प्रमिला समेत तीन बेटी हैं। सबसे छोटा बेटा मोहित था। वह 10वीं कक्षा पढ़ता था। वह लाख मन्नतों के बाद मिला था। एक हादसे में पूरे परिवार की खुशियां छीन ली। उसकी पत्नी बिमला हादसे में घायल है। जींद के कमाचखेड़ा निवासी मुन्नी (50) की हादसे में जान चली गई। मुन्नी के तीन बच्चे है, जिनमें दो बेटे और एक बेटी है। दोनों बेटे कुलदीप और जगदीप लुधियाना में प्राइवेट नौकरी करते है। बेटों ने बताया कि उन्हें रात करीब तीन बजे हादसे की सूचना मिली, जिसके बाद वह पानीपत के लिए रवाना हो गए।
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सनौली थाना प्रभारी महाबीर सिंह ने बताया कि पुलिस हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस ने घायलों को सिविल अस्पताल पहुंचाया और शवों को शवगृह में रखवाया। ट्रक को जब्त कर चालक की तलाश शुरू कर दी है। पुलिसकर्मियों ने घायलों को सुबह के चाय और बिस्किट का नाश्ता कराया।

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चालक 100 की स्पीड से चला रहा था ट्रक
कमाचखेड़ा निवासी रोशन ने बताया कि ट्रक की गति 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा थी। गंगा एक्सप्रेस-वे पर कोई लाइट भी नहीं थी। रिशपुर मोड़ पर कोई ब्रेकर भी नहीं था। हादसे के बाद उन्होंने ट्रक ड्राइवर को पकड़ लिया था। वह भीड़ का फायदा उठाकर भाग गया। थाना यातायात बाबरपुर प्रभारी सुरेश कुमार ने बताया कि लोडेड वाहन में सवारी नहीं ले जा सकते। सरपंच संजय ने परिवार व रिश्तेदारों को गंगा स्नान कराने ले लाने में इसकी लापरवाही बरती। वह सवारी वाहन की बजाय लोडेड पिकअप ले चला।

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मैकेनिक का काम सीख रहा था अश्वनी
हादसे में सरपंच संजय के साले अश्वनी की मौत हो गई। जींद के लिजवाना कलां निवासी अश्वनी (22) ने हाल में ही आईटीआई की थी। वह एसी मैकेनिक के पास काम सीख रहा था। उसके पिता सज्जन सिंह पिकअप चला रहा था। अश्वनी दो भाई और एक बहन में सबसे छोटा था।
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पांच बच्चों की मां थी कांता

जींद के कमाचखेड़ा निवासी कांता (45) को ट्रक ने बुरी तरह से कुचल दिया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उसके पांच बच्चे हैं। जिनमें दो बेटे रोशन और रमन है और तीन बेटी हैं। उसके पति रामफल मेहनत मजदूरी करते हैं। पिकअप में कांता के अलावा उसका बेटा रोशन था। रोशन को मामूली चोट आई है।
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