इसराना। शुगर मिल ने इस बार पेराई सत्र में 61.50 लाख क्विंटल की पेराई की। इसके साथ करीब 29 करोड़ रुपये की बिजली बेची। इस बार मिल 130 दिन तक चला। पानीपत शुगर मिल गन्ना पेराई और बिजली उत्पादन में प्रदेश के सभी 11 सरकारी शुगर मिलों में टॉप रहा। शुगर मिल की पेराई 28 नवंबर को शुरू की थी। इसकी पेराई 8 अप्रैल बुधवार तक चली। पेराई सत्र के दौरान शुगर मिल में टरबाइन की आठ मेगावाट बिजली से तो शुगर मिल को चलाया और बाकी बिजली को एचवीपीएन के नौल्था पावर को दी गई। शुगर मिल वीरवार सुबह तक 4.56 करोड़ यूनिट बिजली बेची। इससे शुगर मिल को करीब 29 करोड़ का राजस्व मिला है। शुगर मिल में पेराई बंद हो गई है और बॉयलिंग हाउस खाली किया जा रहा है। इससे टरबाइन अभी एक दिन और चलेगी। करीब 10 लाख यूनिट बिजली और बेची जा सकेगी। मिल में पिछले साल के मुकाबले इस बार 60 हजार क्विंटल कम गन्ने की पेराई की जा सकी। बिजली के मामले 2.20 करोड़ की ज्यादा बिजली बेची। शुगर मिल के एमडी व एसडीएम इसराना नवदीप सिंह नैन ने बताया कि इस बार चीनी की रिकवरी 9.05 प्रतिशत रही। क्षमता उपयोग 94.61 प्रतिशत रहा है। यह प्रदेश के सभी सरकारी व प्राइवेट मिलों में सबसे अधिक है। मिल में 1956 से आज तक इस बार क्षमता उपयोग सबसे ज्यादा रहा है।
शुगर मिल में बंद केन। संवाद- फोटो : samba news