पानीपत। अमृत योजना-1 के बकाया विकास कार्याें को अब निगम अधिकारी सिरे चढ़ा सकेंगे। सोमवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने चंडीगढ़ में बैठक कर अधिकारियों को 46 करोड़ के इस विकास कार्य को मंजूरी दे दी है। ये टेंडर तिरुपति सीमेंट प्रोडेक्ट कंपनी को गया है। अब अधिकारी इस एजेंसी को काम का वर्क ऑर्डर जारी कर अधूरा काम पूरा करवा सकेंगे। इसमें ग्रामीण विधानसभा एरिया के 10 वार्डों की 28 कॉलोनियों में करीब 125 किलोमीटर लंबी सीवर-पानी और सड़कें बिछाई जाएंगी। ये काम अमृत-1 प्रोजेक्ट के तहत छूट गया था। जिसके लिए सरकार को फिर से ग्रांट भेजनी पड़ी।
निगम ने पिछले साल इसका टेंडर लगाया जो जनवरी अंत में खुला। इसमें सात एजेंसिंया शामिल हुई। जिनमें से करीब पांच तकनीकी बिड में फेल हो गई। केवल दो एजेंसी ही फाइनेंशियल बिड तक पहुंची। सबसे कम रेट में काम करने वाली इस एजेंसी ने अपने रेट 46.56 करोड़ भरे थे। जिसमें से रेट नेगोसिएशन चरण के दौरान एजेंसी से 56 लाख रुपये कम करवाए गए। इसलिए अब ये काम एजेंसी को 46 करोड़ में करना होगा। अधिकारियों का कहना है कि दस करोड़ से ज्यादा के विकास कार्य की वित्तीय मंजूरी केवल सीएम के पास होती है।
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ये होगा काम:
अमृत भाग एक प्रोजेक्ट के तहत वार्ड नंबर 2, 4, 5, 6, 7, 13, 21, 24, 25 और 26 में बचा हुआ काम पूरा होगा। यहां 55 किलोमीटर लंबी सड़कें, 45 किलोमीटर लंबी पीने के पानी की पाइपलाइन और 25 किलोमीटर लंबी सीवर की पाइपलाइन बिछाई जाएगी। जबकि पहले इसी भाग में निगम करीब 413 करोड़ से ग्रामीण विस की इन कॉलोनियों में 278 किलोमीटर लंबी सीवर, 280 किलोमीटर लंबी पानी की पाइपलाइन समेत दो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बना चुका है।
ये विकास कार्य नूरवाला, देशराज कॉलोनी, विकास नगर, शमशान रोड, बिचपड़ी मोड, श्रीराम चौक, बेरी मस्जिद वाली गली, डाबर कॉलोनी, महादेवी कॉलोनी, एकता कॉलोनी, कश्यप नगर, भगत सिंह नगर, साहिल कॉलोनी, सौंधापुर कॉलोनी, राम नगर, फौजी कॉलोनी, गाबा कॉलोनी, गोपाल कॉलोनी, अर्जुन नगर, कुलदीप नगर, भारत नगर, कच्चा फाटक से राम स्वरूप चौक, राम स्वरूप चौक से आईपीएस तक देव कॉलोनी, हरी नगर, सिद्धार्थ नगर, गंगाराम कॉलोनी, सैनी कॉलोनी, शक्ति नगर और रामपुरा में होगा।
वर्जन:
सीएम से मिली मंजूरी, जल्द शुरू होगा काम: एक्सईएन
मुख्यमंत्री ने अमृत योजना के बकाया काम को पूरा करने के लिए लगाए टेंडर के रेट को मंजूरी दे दी है। अब निगम जल्द ही इसका वर्क ऑर्डर जारी करेगा। जिसके बाद इस काम को करीब एक साल के भीतर पूरा करवा लिया जाएगा।
प्रदीप कल्याण, एक्सईएन, नगर निगम।