समालखा। पट्टीकल्याणा गांव में स्थित प्राचीन वाल्मीकि मंदिर में संत बाबा शिवशाह महाराज के जन्मोत्सव पर वार्षिक झंडा उत्सव शनिवार समापन हुआ। इस दो दिवसीय झंडा रस्म समारोह का आगाज शुक्रवार शाम को हुआ था। इसमें केले का प्रसाद श्रद्धालुओं को दिया गया। प्राचीन वाल्मीकि मंदिर पर रातभर सत्संग में भगवान वाल्मीकि का गुणगान किया गया। मंदिर परिसर भगवान वाल्मीकि के जयकारों गूंजता रहा।
इसराना के कांग्रेस विधायक बलबीर वाल्मीकि ने कहा कि वे समाज की एकजुटता के चलते इस मुकाम पर हैं। उन्होंने बच्चों को शिक्षित करने का आह्वान किया और कहा कि समाज को अंधविश्वास से दूर रहकर अपने बच्चों को पढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। इसके बाद विधायक बलबीर वाल्मीकि ने महावटी रोड पर धर्म गुरुओं की समाधियों पर मत्था टेका। समालखा विधायक धर्म सिंह छौक्कर के छोटे भाई कंवर सिंह छौक्कर ने वाल्मीकि मंदिर में आयोजकों को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। आयोजन समिति के महासचिव तिलक राज सारसर व महंत हरिराम ने बताया कि झंडा रस्म समारोह 1927 में शुरू की थी। यह प्रत्येक वर्ष आषाढ़ मास के प्रथम शुक्रवार व शनिवार को मनाया जाता है। महावटी रोड स्थित समाज के महान संत बाबा शिवशाह महाराज, बाबा नेकी शाह व बाबा कंवल शाह महाराज की समाधी बनाई गई हैं। प्रदेश व दिल्ली समेत कई स्थानों से श्रद्धालु अपने धर्म गुरुओं की समाधियों पर मत्था टेकते हैं। दिल्ली के डॉ. जोगिंदर सूद ने हर साल की तरह श्रद्धालुओं की सेवा के लिए निशुल्क चिकित्सा शिविर लगाया।