ग्रामीणों को जागरूक करते स्वास्थ्यकर्मी कप्तान सिंह व अन्य। स्रोत : विभाग
मतलौडा। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन अभियान के तहत शुक्रवार को अलूपुर गांव में शिविर लगाकर ग्रामीणों को जागरूक किया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अहर के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी प्यारेलाल की देखरेख में शिविर लगाया गया। शिविर में 65 ग्रामीणों के रक्त, शुगर, बीपी की जांच कर इनको निर:शुल्क दवा दी गई। इनमें संदिग्ध खांसी- बुखार के 14 मरीजों के बलगम के नमूने लिए गए और उनकी निक्षय पोर्टल पर ऑनलाइन आईडी बनाई गई। स्वास्थ्य निरीक्षक कप्तान सिंह ने बताया कि निक्षय शिविर किसी भी कारणवश जिला नागरिक अस्पताल में जांच न करा पाने वाले लोगों की जांच की जाती है। उन्होंने लोगों को टीबी की बीमारी के बचाव के लिए बीड़ी सिगरेट आदि छोड़ने के बारे में जागरूक किया, इसके साथ लोगों को अच्छा खानपान व संतुलित आहार लेने के बारे में बताया। दो सप्ताह से ज्यादा खांसी, लगातार बुखार के रहने से, बलगम के साथ खून आना और वजन कम होना, भूख कम लगना आदि तपेदिक के लक्षण होते है। तपेदिक खांसने और छींकने से हवा में फैलती है। इस अवसर पर महिला स्वास्थ्यकर्मी सोनिया व स्वीटी और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी मोहित उपस्थित रहे।