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Panipat News: सुप्रीम कोर्ट के फैसले की कार्रवाई की सरकार को नहीं जानकारी

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पानीपत। एक तरफ जहां हर कोई अध्योध्या में श्रीराम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की तैयारी में लगा हुआ है। वहीं दूसरी तरफ अयोध्या के बाबरी मस्जिद-राम जन्म भूमि विवाद के कुछ अंश फिर से उभर आए हैं। आरटीआई में सामने आया कि सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के चार साल बाद भी केंद्र को मस्जिद बनाने को लेकर कार्रवाई का पता नहीं है। दूसरी ओर अयोध्या में हजारों करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट चलाए जा रहे हैं और 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को बड़े सरकारी कार्यक्रम की तरह आयोजित किया जा रहा है।
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पानीपत के आरटीआई कार्यकर्ता पीपी कपूर ने बताया कि उन्होंने छह जनवरी को प्रधानमंत्री कार्यालय में चार सूत्री आरटीआई लगाकर पूछा था कि सुप्रीम कोर्ट के अयोध्या में मस्जिद निर्माण के बारे में फैसले पर भारत सरकार ने क्या कार्रवाई की है। अयोध्या में मस्जिद निर्माण की क्या स्थिति है । मुस्लिम समुदाय को मस्जिद निर्माण के लिए दी गई भूमि की सूचना भी मांगी थी। इन सभी सवालों के जवाब में ग्रह मंत्रालय (अयोध्या सेक्शन) के उप सचिव एवं केंद्रीय जन सूचना अधिकारी पी वेणुकुट्टान नैयर ने 11 जनवरी को पत्र भेजा। उन्होंने जारी पत्र में बताया कि केंद्र ने उत्तर प्रदेश सरकार को पांच एकड़ भूमि अयोध्या में मस्जिद निर्माण के लिए सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को देने के लिए पत्र भेज कर आग्रह किया था। भूमि देने या न देने और मस्जिद निर्माण बारे कोई जानकारी केंद्र सरकार के पास नहीं है। ये सूचना उत्तर प्रदेश सरकार के पास हो सकती है।


पीपी कपूर ने बताया कि राम मंदिर और बाबरी मस्जिद को लेकर चार-पांच आरटीआई लगाई हैं। उन्होंने दिसंबर महीने में पहली आरटीआई लगाई थी। इनमें राम मंदिर को लेकर भी सूचना मांगी गई हैं। इसमें निर्माण कब शुरू किया और निर्माण कब पूरा होगा।
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