जैन स्थानक में प्रवचन करते उपेंद्र मुनि। संवाद
समालखा। नई अनाज मंडी स्थित जैन स्थानक में शनिवार को संत उपेंद्र मुनि ने मनुष्य के जीवन का लक्ष्य व्यापक और बहुआयामी अवधारणा बताया है। उन्हाेंने कहा कि मनुष्य के जीवन का लक्ष्य एक व्यापक और बहुआयामी अवधारणा है जिसके विभिन्न दृष्टिकोण हैं। हिंदू धर्म के अनुसार चार पुरुषार्थ धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष मानव जीवन के मुख्य लक्ष्य माने जाते हैं। जिनमें मोक्ष अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण है, जो आत्म साक्षात्कार या परमात्मा से मिलन से जुड़ा है। व्यक्तिगत रूप से जीवन का अर्थ खोजना अपनी क्षमताओं को विकसित करना और एक सार्थक व संपूर्ण जीवन जीना भी एक महत्वपूर्ण लक्ष्य है। संवाद