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पानीपत: मॉडल टाउन में दो पार्कों की लागत 70 लाख से पहुंचा दी 1.84 करोड़

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पानीपत। मॉडल टाउन के पार्कों में एक और बड़ा घोटाला सामने आया है। इसमें निगम अफसरों ने बिना किसी अनुमति या आवेदन के अपने स्तर पर ही दो पार्कों का जीर्णोद्धार तय राशि 70 लाख की बजाय 1.84 करोड़ में करवाया। इसका भुगतान भी हो गया। स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत निगम अफसरों से लेकर जनप्रनिधियों से की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। यह मामला तब सामने आया जब शहरी विधायक ने मॉडल टाउन के ही एक पार्क में बेंच घोटाला पकड़ा।
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इस दौरान मॉडल टाउन के स्थानीय लोगों और रेजिडेंट वेलफेयर ऐसोसिएशन के सदस्यों ने विधायक और अतिरिक्त निगम आयुक्त के सामने इन दो पार्कों के घोटाले का भी जिक्र किया। जिस पर विधायक और आयुक्त ने कहा कि इनकी जांच करवाएंगे।
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पार्क-1 : बिना अनुमति के 31.48 लाख से किया 93.15 लाख रुपये
स्थानीय लोगों ने बताया कि मॉडल टाउन में किंडर किन स्कूल के पास पार्क के जीर्णोद्धार का जून 2017 को 31.48 लाख रुपये में टेंडर हुआ। इस काम को एक साल बाद जून 2018 में पूरा कर लिया गया, लेकिन इसकी राशि तीन गुणा बढ़ा दी गई। पार्क में जब काम चल रहा था तो निगम ने फरवरी 2018 में इस टेंडर की लागत बढ़ाते हुए 93.15 लाख रुपये कर दी। इसका कोई एन्हांसमेंट पत्र निगम अधिकारियों के पास नहीं मिला। इसमें पार्षद की ओर से सिर्फ एक संतुष्टि पत्र दिया गया। जिसमें पार्क के निर्माण में लगी बढ़ी राशि को नहीं दिखाया गया है। काम पूरा होने के करीब बीस महीने बाद पार्षद ने अक्तूबर 2020 में संतुष्टि पत्र दिया था। जिसके आधार पर भुगतान निर्धारित किया गया।
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पार्क-2 : 38.92 लाख से बढ़ाकर पहुंचाया 90.68 लाख
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि दूसरा पार्क मॉडल टाउन क्षेत्र का अपना पार्क-8 का सामने आया है। इस पार्क के जीर्णोद्धार के लिए भी निगम अफसरों ने जून 2017 को 38.92 लाख रुपये का टेंडर लगाया। काम अक्तूबर 2017 को शुरू हुआ और जून 2018 को पूरा हुआ। इस काम की लागत भी 38.92 से बढ़ाकर 90.68 लाख रुपये कर दी गई। इस काम की लागत बढ़ाने की अनुमति नहीं मिलने का भी आरोप है। पार्षद ने जुलाई 2020 में संतुष्टि पत्र निगम को दिया और भुगतान जून 2021 को किया गया।
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वर्जन-
करवाएंगे जांच- एएमसी
मामला संज्ञान में नहीं है। ये बात पार्क में बेंच प्रकरण के दौरान ही सामने आई है। इस विषय की जांच पड़ताल करवाई जाएगी।
- नरेंद्र पाल मलिक, अतिरिक्त आयुक्त, नगर निगम
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