संवाद न्यूज एजेंसी
सनौली। सरकार ने तो गेहूं खरीद शुरू होने का दावा कर दिया है। आढ़तियों की हड़ताल और मंडियों के हालात इसमें बाधा बने हुए हैं। सनौली और बापौली मंडी में अव्यवस्थाओं का आलम है। मंडियों में न पीने के पानी की सुविधा है और न साफ सफाई की। जिससे किसानों और आढ़तियों में रोष बना है।
सनौली खुर्द की मंडी में गंदा पानी भरा रहने से मंडी तालाब का रूप ले रही है। मंडी में पड़ी गंदगी, गंदा पानी और दंबगों द्वारा चारों ओर से किए जा रहे गोबर के उपले, खोखे रखकर किए कब्जों पर भी किसी का ध्यान नहीं दे रहा है। सनौली अनाज मंडी में फड़ नीचा होने पर गांव का गंदा पानी मंड़ी में भरा हुआ है। मंडी में चार साल पहले पंचायत व खंड़ प्रशासन ने तीन सोकते गड्ढ़े भी बनवाए हैं लेकिन वे भी अभी तक पूरे नही हुए। किसान नरेश, सतीस, सुनील, सतपाल, विनोद, आनंद, अभिषेक, राजेश आदि का कहना है कि मंडी की दुर्दशा के लिए वे मार्केट कमेटी को दोषी मान रहे हैं।
उनका कहना है कि मंडी को साफ कराया जाए, क्योंकि गेहूं की आवक शुरू होने वाली है। मंडी में फड़ ऊंचा कराया जाए ताकि मंड़ी में खड़े गंदे पानी की निकासी की समस्या हल हो सके। आधी मंडी में गंदा पानी भरा खड़ा हुआ है। मंडी छोटी होने पर गेहूं डालने में भरी परेशानी उठानी पड़ती है और बारिश होने पर मंड़ी में भरे गंदे पानी में गेहूं भीग जाता है। आढ़ती रोहतास शर्मा, नीरज, जोगी राम, राजेश आदि का कहना है कि मंडी में हर वर्ष लाखों रुपये की मार्केट फीस से आमदनी हो रही है। फिर भी सुविधाओं की ओर कोई ध्यान नही दिया जा रहा है।
इन अव्यवस्थाओं के कारण आढ़तियों व किसानों की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मार्केट कमेटी सचिव सुंदरलाल ने बताया कि कर्मचारियों को साफ सफाई के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ पीने के पानी व बिजली आदि अन्य सुविधाओं उपलब्ध कराया जाएगा। अनाज मंडी में भरे दूषित पानी की निकासी को लेकर एक्सईएन के साथ पत्राचार किया गया है।