पानीपत। सावन के दूसरे सोमवार को शहर समेत गांवों के शिवालयों में सैकड़ों श्रद्धालुओं जलाभिषेक पर बाबा को रिझाने का प्रयास किया। करीब 50 मंदिरों में विशेष पूजन किया गया। मंदिरों में हलवा व खीर का भंडारा लगाया गया। शाम के समय शिव महिमा का गुणगान किया। वहीं कांवड़ियों का हरिद्वार से आना तेज हो गया है। अब दिन के साथ रात के समय में भी कांवड़िये अपने गंतव्य को जा रहे हैं।
सावन के दूसरे सोमवार को अल सुबह मंदिरों में मंगल आरती की गई। यहां मंदिरों में सुबह ही जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया। दिन चढ़ने के साथ मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ने लगी। सुबह 10 बजे शिवालयों में श्रद्धालुओं की लाइन लगी रही। मंदिरों में हलवा और खीर का भंडारा लगाया गया। सनातन धर्म मंदिर मॉडल टाउन के प्रधान तरुण गांधी ने बताया कि सावन में श्रद्धालुओं का उत्साह देखने को बनता है। दूसरे सोमवार को बाबा के भक्तों ने जलाभिषेक करने के साथ मंदिर में विशेष पूजन किया। मंदिर में शाम के समय कीर्तन किया। शिखा व उनकी टीम ने भोले व पार्वती के सुंदर भजनों की प्रस्तुति दी। शाम को महाकाल की भव्य आरती की गई। पंडित बृज किशोर ने बताया कि भगवान शिव सावन की पूजा में जल्दी प्रसन्न होते हैं। सोमवार को विधि विधान से की पूजा से व्यक्ति अपने संकट काटते हैं।
हरिद्वार से कांवड़ियों का आना तेज हो गया है। यमुना नदी से पानीपत में प्रवेश करते ही कांवड़ियों का जोश देखने वाला होता है। भोले के भक्त भी तरह-तरह की कांवड़ लेकर पहुंच रहे हैं। जींद निवासी रणबीर ने बताया कि वह 51 लीटर पानी लेकर चला है। उसको शुरुआत में कुछ थकावट हुई। अब बाबा के आशीर्वाद से तेजी से चल रहा है। उसको कांवड़ उठाने का पता ही नहीं चल रहा है।
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कांवड़ियों की सेवा को लेकर हर कोई आगे
पानीपत में करीब दो सौ शिविर लगाए गए हैं। यहां कांवड़ियों की सेवा को लेकर बच्चों से लेकर बड़े भी आगे आ रहे हैं। कांवड़ियों को फल के अलावा देसी घी का खाना दिया जा रहा है। इसके अलावा उनको चिकित्सा सहायता भी दी जा रही है। समाज सेवा संगठन के प्रधान प्रवीण जैन ने बताया कि जीटी रोड पर एसडी कॉलेज के सामने कांवड़ सेवा शिविर चल रहा है। यहां कांवड़ियों के खाने व ठहरने की विशेष व्यवस्था की गई है।