संवाद न्यूज एजेंसी
समालखा। तकनीक के माध्यम से ही अमीर और गरीबी देशों के बीच का फासला घटेगा। भारत जैसे विकासशील देशों को अगर विकसित देशों की श्रेणी में आना है तो जितना जल्द हो सके, उतनी जल्द नई तकनीक को अपनाना होगा। युवाओं को प्रशिक्षित करना होगा। आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक को समझना होगा। यह बात पाइट के निदेशक डॉ. शक्ति कुमार ने स्टूडेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम में कही।
पाइट में एसजीटी यूनिवर्सिटी के छात्रों के लिए तीन दिवसीय वर्कशाप का आयोजन किया गया। छात्रों को एआई, डाटा साइंस एवं थ्रीडी प्रिंटिंग पर प्रशिक्षित किया गया। डॉ. शक्ति कुमार ने कहा कि हमारे देश में रिसर्च बेहद कम हो रही है। अमेरिका, चीन, यूके जैसे देशों में रिसर्च पर फोकस किया जाता है। वहां युवाओं के लिए हर संभव अवसर बनाए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि हमें भी ज्यादा से ज्यादा रिसर्च और पेटेंट कराने चाहिए। जो डाटा साइंस में महारथ हासिल कर लेगा, उसके लिए सफलता के रास्ते खुल जाएंगे। बच्चों ने थ्रीडी प्रिंटिंग के माध्यम से प्रोजेक्ट बनाकर दिखाए। इस अवसर पर को कनवीनर डॉ. बसंत कुमार वर्मा, यूनिवर्सिटी की डायरेक्टर डॉ. मीनाक्षी, डिप्टी डीन डॉ. शालिनी, पाइट से एमर्जिंग टेक्नॉलोजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र प्रसाद, आइडिया लैब से डॉ. अंजू गांधी, अभिषेक शर्मा, डॉ. विकास त्यागी, डॉ. संदीप शर्मा आदि मौजूद रहे।