पानीपत। जन सेवा दल के आशियाना में निराश्रित महिला के विगत दिवस नवजात परी के सिविल अस्पताल में जन्म के बाद परी का पापा झूज बहादुर मिल गया है। वहीं गुमशुदा पत्नी को नई परी के साथ पाकर पिता झूज बहादुर की आंखों से आंसू छलक उठे। निराश्रित महिला मीना को अस्पताल में देख उसके पति को किसी ने फोन पर बताया कि उनकी पत्नी अस्पताल में दाखिल है। सूचना पाकर मीना का पति तुरंत रात को 12:00 बजे अस्पताल पहुंचा और अपनी पत्नी को देखकर बहुत खुश हो गया। झूज बहादुर ने बताया कि वह सेक्टर-25 में चौकीदार के रूप में काम करता है। वह दो महीने से बहुत परेशान था। उसकी पत्नी उसे घर छोड़कर चली गई थी। गत चार अगस्त को उसने थाना चांदनी बाग में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी जिसके बाद उसका कोई पता नहीं लगा। झूज़ बहादुर ने जन सेवा दल अपना आशियाना के चमन गुलाटी, कमल गुलाटी, सविता आर्य का दिल से धन्यवाद किया जिन्होंने उसे उसके परिवार से मिलाया।
परिवार में उनके साले ने नेपाल में उसके खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज करवा दी कि झूज बहादुर ने अपनी पत्नी को या तो मार दिया है या बेच दिया। इससे वह दिन-रात बहुत परेशान था। सही ढंग से खाना भी नहीं खा पाता। आशियाना के परिश्रम व सविता आर्य के प्रयासों से पत्नी को पति और बेटी को पिता मिल गया। अब वह इन्हें नेपाल ले जाकर ससुराल के संदेह से मुक्ति पा सकेगा। वहीं, नए सुखी जीवन का शुभारंभ कर सकेगा।