पानीपत।सरकार ने 2018 में टीबी रोगियों के लिए निक्षय पाेषण याेजना शुरू की थी। यह योजना टीबी रोगियों के लिए वरदान साबित हुई है। सरकार ने इन छह साल में 23415 टीबी रोगियों को सहायता राशि के रूप में 5.79 कराेड़ रुपये दिए गए हैं। इस साल लगभग 6.30 लाख रुपये टीबी रोगियों को दिए जा चुके हैं। इस याेजना का पैसा मरीज के खाते में जाता है, बहुत से मरीज ऐसे है, जिनके बैंक में खाता ही नहीं है। मरीजाें काे इसके लिए समय-समय पर जागरूक किया जाता है, ताकि वाे अपने बैंक खाते खुलवाएं और मरीजाें काे ये पाेषण राशि मिल सके। सरकार टीबी रोगियों को हर माह 500 रुपये देती है। समाजसेवियों, डॉक्टरों व उद्यमियों ने 242 टीबी के रोगियों को गोद भी लिया है। यह टीबी रोगियों के ठीक होने तक उनके घर का पूरा खर्च उठाते हैं। स्वास्थ्य विभाग पिछले तीन साल में लगभग 5.90 लाख लोगों की टीबी जांच कर चुका है।
जिले में अब टीबी के रोगियों की संख्या लगभग साढ़े चार हजार रुपये हैं। हर माह टीबी से लगभग आठ लोगों की मौत हो जाती है। पिछले छह साल में लगभग 700 लोगों की टीबी से मौत हो चुकी है। 2023 में टीबी से 95 लोगों की मौत हो गई थी। इस साल अब तक टीबी के 945 मरीज मिल चुके हैं। सरकार ने 2025 तक देश को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है लेकिन जितनी रफ्तार से टीबी के मरीज मिल रहे हैं । इससे यह लक्ष्य प्राप्त करना मुश्किल प्रतीत हो रहा है।
निक्षय पाेषण याेजना -
साल : टीबी मरीज काे मिली मदद : दी गई राशि
2018 : 3000 : 62.90 लाख
2019 : 3865 : 89.10 लाख
2020 : 3146 : 81.30 लाख
2021 : 3986 : 1.10 कराेड़
2022 : 4490 : 1.10 कराेड़
2023 : 3982 : 1.20 कराेड़
2024 : 943 : 6.30 लाख
इन्हाेंने लिया मरीजाें काे गाेद..
नाम : मरीजाें की संख्या
आदर्श एक विश्वास साेसायटी : 55
मित्तल इंटरनेशनल : 45
डाॅ. शिव चरण : 35
यंग इंटरनेशनल : 20
सीएचसी नारायणा स्टाफ : 20
डाॅ. संजय : 20
श्री तुलाराम फाउंडेशन : 15
विधायक प्रमाेद विज : 10
एडब्ल्यूडब्ल्यू सुमन : 5
डाॅ. निशि जिंदल : 5
प्रमाेद सरपंच : 5
दीवाना गांव सरपंच : 4
आट्टा गांव सरपंच : 3
वर्जन-
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. ललित वर्मा ने बताया कि टीबी रोगियों के लिए सरकार ने छह साल पहले निक्षय पाेषण याेजना शुरू की थी। अब तक लगभग पौने छह करोड़ रुपये टीबी रोगियों को सहायता के रूप में दिए जा चुके हैं। सामाजिक संगठनों से अपील है कि वह टीबी के रोगियों को गोद लेने के लिए आगे आए ताकि उनके परिवार की मुसीबत खत्म हो। सरकार टीबी के खिलाफ गंभीरता से काम कर रही है।