पानीपत। प्रदेश में 15 वर्ष या इससे अधिक आयु वर्ग के निरक्षरों को चिह्नित कर उन्हें अक्षर ज्ञान देने के लिए बुनियादी साक्षरता कार्यक्रम उल्लास चलाया जाएगा। नव भारत साक्षरता कार्यक्रम उल्लास के सफल क्रियान्वयन को लेकर विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने सभी संबंधित शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। योजना 2022 में शुरू हुई थी लेकिन प्रदेश में अब तक मूल्यांकन परीक्षा का आयोजन नहीं हुआ है। कार्यक्रम के क्रियान्वयन में हरियाणा पिछड़ चुका है। 2011 की जनगणना के अनुसार जिले में 227151 निरक्षर हैं। उल्लास के तहत चालू सत्र में 31839 निरक्षरों को साक्षर करने का लक्ष्य मिला है।
निर्देशानुसार केंद्रीय प्रायोजित योजना नव भारत साक्षरता कार्यक्रम उल्लास चलाया हुआ है। जिसका मुख्य उद्देश्य 15 वर्ष या अधिक आयु के निरक्षरों को चिह्नित कर बुनियादी साक्षरता जिसमें पढ़ना, लिखना और संख्या ज्ञान प्रदान कर साक्षर होने का प्रमाण-पत्र दिलवाना है। इसका क्रियान्वन प्रदेश के सभी जिलों के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में वर्ष 2022 से 2027 तक होना है। प्रदेश में इस कार्यक्रम के तहत अब तक एक भी मूल्यांकन परीक्षा का आयोजन नहीं हो पाया है जिस कारण इस कार्यक्रम के क्रियान्वन में हरियाणा बहुत पिछड़ चुका है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दिए निर्देश
वर्ष 2018 तक पूर्व योजना साक्षर भारत के तहत 10 जिलों भिवानी, फरीदाबाद, फतेहाबाद, गुरुग्राम, हिसार, जीद, कैथल, करनाल, महेंद्रगढ़ व सिरसा में 49,94,133 निरक्षरों में से कुल 8,71,218 निरक्षरों को साक्षर होने का प्रमाणपत्र दिया जा चुका है। इस संबंध में 02 अप्रैल को विद्यालय शिक्षा के अतिरिक्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक आयोजित की गई थी। इस संदर्भ में जिले में अति आवश्यक प्रगति जानने के लिए 11 अप्रैल को बैठक होगी।
ये जारी किए निर्देश-
- प्रवेश उत्सव के साथ एकीकृत योजना बनाकर उल्लास सर्वेक्षण अभियान के तहत सर्वेयर द्वारा घर-घर जाकर लक्षित असाक्षरों और स्वयंसेवी अक्षर सैनिकों को उल्लास मोबाइल एप पर 20 अप्रैल तक पंजीकृत की शिक्षण-अधिगम प्रारंभ करवाना होगा।
- पंजीकृत लाभार्थियों की 200 घंटों की अनिवार्य शिक्षण अधिगम प्रक्रिया के उपरांत सितंबर 2024 में आयोजित होने वाली मूल्यांकन परीक्षा में बैठाना सुनिश्चित करना होगा।
- प्रत्येक राजकीय विद्यालय के सभी विद्यार्थियों को अपने घर और आस-पास के घरों में निरक्षरों की सूचना प्राप्त कर अपने कक्षा अध्यापक को देनी होगी।
- कक्षा पांचवीं से आठवीं तक के विद्यार्थियों को स्वयंसेवी साक्षरता कर्मी और कक्षा नौवीं से 12वीं के विद्यार्थियों को स्वयंसेवी अक्षर सैनिक की भूमिका निभाने बारे प्रोत्साहित करना होगा।
हरियाणा में जिलावार निरक्षरों की संख्या और जिलावार लक्षित निरक्षरों की संख्या-
जिला 2011 में निरक्षरों की संख्या, 31 मार्च 2024 तक लक्षित निरक्षरों की संख्या, 2024-25 तक का उल्लास के तहत कुल लक्ष्य
अंबाला 172985 17319 24245
भिवानी 246279 24657 34521
चरखी दादरी 92407 9251 12952
फरीदाबाद 252453 25275 35386
फतेहाबाद 249862 25015 35021
गुरुग्राम 181830 18205 25487
हिसार 392112 39257 54960
झज्जर 154654 15483 21676
जींद 319658 32003 44803
कैथल 277816 27814 38941
करनाल 307586 30795 43113
करुक्षेत्र 190830 19106 25748
महेंद्रगढ़ 173703 17391 24346
नुह 314956 31532 44144
पलवल 239178 23946 33524
पंचकूला 80523 8062 11288
पानीपत 227151 22742 31839
रेवाड़ी 141581 14175 19845
रोहतक 174614 17482 24476
सिरसा 335403 33580 47012
सोनीपत 247151 24744 34642
यमुनानगर 221401 22166 31031
कुल 4994133 500000 700000
वर्जन-
प्रदेश में 15 वर्ष या इससे अधिक आयु वर्ग के निरक्षरों को चिह्नित कर उन्हें अक्षर ज्ञान देने के लिए बुनियादी साक्षरता कार्यक्रम उल्लास चलाया जाएगा। नव भारत साक्षरता कार्यक्रम उल्लास के सफल क्रियान्वयन को लेकर निदेशालय ने जरूरी निर्देश जारी किए हैं।
- कुलदीप दहिया, जिला शिक्षा अधिकारी, पानीपत।