माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत/थर्मल। सुताना गांव में आगजनी कांड के मुख्य आरोपी माेनू को पुलिस पांच दिन बाद भी गिरफ्तार नहीं कर पाई है। पीड़ित परिवार को अस्पताल में भी डर सता रहा है। पांचों पीड़ितों में से किसी की भी हालात में फिलहाल कोई सुधार नहीं है। पुलिस दूसरे आरोपी राहुल से एक दिन के रिमांड में भी मुख्य आरोपी के बारे में कुछ खास जानकारी नहीं निकाल पाई। कोर्ट ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
पुराना औद्योगिक थाना पुलिस ने सुताना गांव में आगजनी के आरोपी राहुल को शनिवार को कोर्ट में पेश किया। वहां से आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। पुलिस ने आरोपी को वीरवार रात को गिरफ्तार किया था। उसे कोर्ट में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया था। उससे वारदात में प्रयुक्त कुल्हाड़ी बरामद की थी।
आरोपी से पुलिस को चाकू बरामद करना था। वहीं उससे मुख्य आरोपी मोनू के बारे में भी पूछताछ की गई। पुलिस को उससे कुछ खास पता नहीं चल पाया। अस्पताल में उपचाराधीन महिला समेत अन्य की हालात गंभीर बनी हुई है। महिला की आंखों में ज्यादा दर्द है।
उल्लेखनीय है कि सुताना गांव में मंगलवार को मोनू नाम के युवक ने अपने दोस्त राहुल के साथ मिलकर चचेरे भाई रणधीर के मकान में आग लगा दी थी। मोनू ने अपनी भाभी बाला, भतीजी रितिका, राखी, नीतू, भतीजे चिराग व नीतू के पति विशाल का अंदर कमरे में बंद कर आग लगाई थी। इसमें चिराग की मौत हो गई। बाकी सभी बेहोश हो गए थे।
आग लगाने के बाद मोनू ने अपने दोस्त राहुल के साथ घर के बाहर पहरा भी दिया ताकि कोई इनकी मदद के लिए न आए। आरोपी मोनू पर डेढ़ साल पहले पोस्को एक्ट में केस दर्ज कराया था। वह इस केस में डेढ़ माह पहले जमानत पर आया था। केस में खर्च हुए पैसों के नाम पर मोनू चचेरे भाई रणधीर से आठ लाख रुपये मांग रहा था। इसी को लेकर दोनों में विवाद था। इसी रंजिश में उसने वारदात को अंजाम दिया।
आरोपी राहुल को रिमांड के बाद कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मुख्य आरोपी मोनू की लगातार तलाश की जा रही है। उसको जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जिला नागरिक अस्पताल में पीड़ितों के सुरक्षा के प्रबंध किए गए हैं। - वीरेंद्र सिंह, प्रभारी, पुराना औद्योगिक थाना।