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Panipat News: सुमित दहिया ने मुक्केबाजी में यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पर लगाया पंच

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पानीपत। टीडीआई सिटी निवासी सुमित दहिया ने एड्रियाटिक पर्ल बुढ़वा मोंटेनेग्रो में आयोजित यूथ वर्ल्ड बाक्सिंग कप में अपने पंच का शानदार का प्रदर्शन करते हुए मुक्केबाजी में कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। इंस्पेक्टर दंपती के बेटे के शानदार प्रदर्शन पर परिवार और शिवाजी स्टेडियम स्थित बॉक्सिंग एकेडमी में खुशी का माहौल है। यह चैंपियनशिप यूरोप के एक देश में तीन से 10 मार्च को हुई। सुमित दहिया का पानीपत में पहुंचने पर स्वागत किया जाएगा।
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17 वर्षीय सुमित दहिया ने पिछले दिनों ऑल इंडिया ट्रायल में छह फाइट जीती थी। यह ट्रायल रोहतक में हुई थी। सुमित दहिया ने इसके आधार पर नेशनल कैंप में भाग लिया। उन्होंने यहां अपने खेल में तकनीकी सुधार किया। उन्होंने तीन से दस मार्च को यूरोप में आयोजित यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप में 67 किलोग्राम भार वर्ग में भाग लिया। उन्होंने यहां शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीता। बॉक्सिंग एकेडमी के कोच सुनील कुमार ने बताया कि सुमित दहिया ने दस साल की उम्र में खेलना शुरू किया था। वह एकेडमी में हर रोज सुबह व शाम को प्रशिक्षण ले रहा है। यहां उनके खेल में लगातार सुधार आया है। वह लेफ्ट व राइट दोनों तरफ से बराबर खेलता है और सामने वाले खिलाड़ी के साथ लंबे समय तक मैदान में डटा रहता है। वह राष्ट्रीय स्तर पर पहले रजत पदक प्राप्त कर चुका है। अब धीरे-धीरे पदकों का रंग बदलने में लगा है। सुमित दहिया के पिता मुकेश कुमार सीआईएसएफ और मां रेखा देवी हरियाणा पुलिस में इंस्पेक्टर हैं। वे मूल रूप से सोनीपत के रहने वाले हैं और अब लंबे समय से टीडीआई सिटी में रहते हैं। मां रेखा देवी बतौर मॉडल टाउन थाना प्रभारी कमान संभाले हुए हैं। रेखा देवी ने बताया कि सुमित का बचपन से ही खेलों में ध्यान था। उन्होंने उसके लक्ष्य को जाना और उसी दिशा में सहयोग किया।

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वर्ल्ड एथलेटिक्स और एशियन खेलों में पदक लाना लक्ष्य
सुमित दहिया ने फोन पर बताया कि वह मुक्केबाजी में लगातार मेहनत कर रहा है। उसके खेल में सुधार आ रहा है। मुक्केबाजी में दम लगाने के साथ तकनीकी भी जानकारी ले रहे हैं। उसका सपना वर्ल्ड एथलेटिक्स और एशियाई खेलों में देश की झोली में स्वर्ण पदक लाना है। वह इसको लेकर लगातार मेहनत कर रहा है।
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