पानीपत। भाद्र मास में एक फिर मौसम बदलेगा। मौसम विशेषज्ञों ने सोमवार से मध्यम से तेज बारिश का अनुमान जताया है। यह बारिश करीब कई दिनों तक चलने की बात कही है। बारिश धान की पछेती और अन्य फसलों के लिए फायदेमंद होगी। जबकि धान की अगेती फसल के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।
जिले में रविवार को पूरा दिन तेज धूप खिली रही। जिसके चलते अधिकतम तापमान भी बढ़ गया। मौसम विशेषज्ञों ने अधिकतम तापमान 35 और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री दर्ज किया गया। दिनभर धूप खिलने से लोगों को ज्यादा देकर तक बाहर खड़ा रहना मुश्किल रहा। शाम के समय कुछ देर हल्के बादल छाने से लोगों को राहत की कुछ सांस ली। मौसम विशेषज्ञों की माने तो सोमवार सुबह ही मौसम परिवर्तनशील होगा। मंगलवार और बुधवार को बारिश की संभावना बढ़ रही है। वीरवार और शुक्रवार को भी तेज बारिश हो सकती है। मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि अगले रविवार तक बारिश हो सकती है।
इन सबके बीच किसानों की चिंता बढ़ गई है। राजबीर और नाहर सिंह ने बताया कि धान के सीजन में इस बार अपेक्षाकृत कम बारिश हुई है। किसानों को नहर और ट्यूबवेल के सहारे सिंचाई की। अब अगेती फसल पकाई पर है। ऐसे में बारिश होने पर फसल को नुकसान होगा। वहीं पछेती फसल के भी गिरने का डर है।
बॉक्स
किसान बरतें सावधानी
कृषि विज्ञान केंद्र उझा के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राजबीर गर्ग ने बताया कि बारिश की संभावना तेज हो गई हैं। धान उत्पादक किसान इसमें सावधानी बरतें। किसान इस समय ट्यूबवेल या नहर के पानी सिंचाई न करें। बारिश के पानी का ज्यादा दिनों तक खेत में ठहराव न होने दें। अगेती फसल को लेकर किसानों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। सब्जी की फसलों में बारिश का पानी न रुकने दें। इससे फसल खराब हो सकती हैं। खासकर बेलदार सब्जी की फसल को लेकर सावधानी बरतें।