पानीपत। होली के दिन शहर में 200 से अधिक जगह पर मामूली कहासुनी और गालीगलौज के कारण झगड़े हुए। डाबर कॉलोनी, राजीव कॉलोनी, भारत नगर, गोपाल कॉलोनी, साईं कॉलोनी , विकास नगर, राज नगर, सिवाह गांव, उग्राखेड़ी गांव , विद्यानंद कॉलोनी, हाली कॉलोनी, देशराज कॉलोनी, वधावाराम कॉलोनी, नूरवाला, धमीजा कॉलोनी, बाबरपुर मंडी, निजामपुर, संत नगर, तहसील कैंप व कच्चा में हुए झगड़ों में 80 युवक घायल हो गए। यहां पर जमकर लाठी डंडे, चाकू व तलवारें चली। इनमें से 15 युवकों की गंभीर हालत को देखते हुए उसने खानपुर मेडिकल कॉलेज व रोहतक पीजीआई रेफर किया गया। इसके अलावा 79 युवक मोटरसाइकिल से गिरने समेत तमाम हादसों में घायल हो गए। इनमें से 10 को खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। पुलिस में इन सभी मामलों की शिकायत दी गई। अब पुलिस भी मामलों की जांच कर रही है। मंगलवार को भी नागरिक अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में इलाज कराने वालों की भीड़ लगी रही। यहां तीन डॉक्टरों को ओपीडी करने में पसीना बहाना पड़ा। इमरजेंसी वार्ड के सुरक्षाकर्मी भी काफी परेशान रहे। नागरिक अस्पताल में भी हाली पर जमकर हंगामा हुआ। यहां स्थित पुलिस चौकी से जवानों ने पहुंचकर हुडदंगियों पर काबू पाया ।
तीन डॉक्टरों की लगाई गई ड्यूटी
सिविल अस्पताल प्रशासन ने होली की पहले से ही तैयारी कर रखी थी। इसलिए सिविल अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में तीन डॉक्टरों की ड्यूटियां लगाई गई थी। तीनों शिफ्टों में तीन तीन डॉक्टर , चार चार सिक्योरिटी गार्ड व पांच पांच स्टाफ नर्स थी। सोमवार सुबह से मंगलवार सुबह तक इमरजेंसी वार्ड में 200 से अधिक लोग इलाज कराने पर पहुंचे।
लोगों का लगा रहा तांगा-
सिविल अस्पताल में लोगों का तांता लगा रहा। आपातकालीन वार्ड के बाहर घायलों के साथ-साथ उनके परिजन काफी संख्या में मौजूद थे। आपातकालीन वार्ड में सिर्फ घायलों को अंदर जाने दिया जा रहा था। फिर भी घायलों की संख्या इतनी अधिक थी कि डॉक्टरों के कमरे के बाहर भीड़ लगी हुई थी। मरहम-पट्टी कक्ष में स्ट्रेक्चर पर कोई न कोई घायल लेटा ही रहा।
मोटरसाइकिल के उतारे साइलेंसर
होली पर लड़ाई-झगड़े ही नहीं मोटरसाइकिल पर घूमने वालों नौजवानों ने लोगों को खासा परेशान किया। युवकों ने मोटरसाइकिलों के साइलेंसर उतार रखे थे, ताकि मोटरसाइकिल अधिक आवाज करे। इतना ही नहीं, युवक बाइकों के काफिला बनाकर सड़कों पर घूमते रहे। जहां से भी मोटरसाइकिलें निकलती तो बाइकें इतनी आवाज कर रही थी कि उनके गुजरने के बाद कुछ देर तक सुनाई नहीं देता था।
निजी अस्पतालों की भी हुई चांदी-
निजी अस्पतालों के कई एजेंट सोमवार को नागरिक अस्पताल में घूमते रहे। यहां से मरीजों को निजी अस्पतालों में ले जाने की होड़ मची रही। निजी एंबुलेंस चालक यहां से काफी मरीजों को निजी अस्पतालों में भी लेकर गए। निजी अस्पताल के एजेंट दिन भर मरीजों को अपने अस्पतालों में आने के लिए बरगलाते रहे।
पुलिस के दावे फेल हुए-
पुलिस होली पर हुड़दंगियों पर काबू पाने के लिए मुस्तैदी का दावा कर रही थी। शाम चार बजे तक नाकों पर पुलिस कर्मी नहीं दिखाई दिए। हुडदंगी मोटरसाइकिल का साइलेंसर उतारकर हुडदंग मचाते रहे। दिन भी सड़कों पर ये तमाशा चलता रहा। सड़कों पर शराबियों की टोलियां भी बैठी रही।
वर्जन-
इमरजेंसी वार्ड प्रभारी डॉ. सुखदीप कौर ने बताया कि होली के हुडदंग को देखते हुए सभी डॉक्टरों को अलर्ट पर रखा गया था। सोमवार से मंगलवार तक 200 से अधिक युवा इलाज कराने पहुंचे थे । 80 युवक लड़ाई झगड़ों में घायल होकर पहुंचे। इमरजेंसी वार्ड की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई थी।