पानीपत। पढ़ने व खेलने की उम्र में ही किशोर व किशोरियों के कदम बहक रहे हैं।छोटी उम्र में ही प्रेम प्रसंग में पड़कर कई जिंदगियां बर्बाद हो रही हैं। पिछले छह माह में ऐसे चार मामले जिले में सामने आ चुके हैं, जब किशोरियां अपने प्रेमियों से गर्भवती हो गई। कई माह बाद जब उनको प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो परिजनों को इस कुकृत्य का पता चला।
इन चार में से दो मामलों में किशोरियों ने बच्चे को जन्म भी दिया। एक ने बच्चे को नागरिक अस्पताल के शौचालय में फेंक दिया तो दूसरी ने अपने घर पर बच्ची को जन्म दिया। तीसरे और चौथे केस में पुलिस ने नियमानुसार चार माह की गर्भवती किशोरियों का गर्भपात करवा दिया। इन घटनाओं ने माता पिता का सिर शर्म से झुका दिया।
प्रेमी अपने इस अपराध की जेल में सजा काट रहे हैं। खेलने पढ़ने की उम्र में मां बनी किशोरियां भी अपने किए पर अब पछता रही है। ऐसी घटनाओं की बड़ी वजह सोशल मीडिया को माना जा रहा है। सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त होने वाली अश्लील सामग्री से बच्चों के कदम बहक रहे हैं। ऐसे में महिलाओं व युवतियों के लिए काम करने वाले संगठन माता-पिता से अपने बच्चों को इस संबंध में जागरूक करने की अपील कर रहे हैं।
केस एक
सेक्टर 29 पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक नौवीं की छात्रा व 11 वीं के छात्र का प्रेम प्रसंग था। दिसंबर 2023 में दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने। फरवरी में छात्रा तीन माह की गर्भवती मिली। इस मामले की शिकायत पुलिस को दी गई तो प्रेमी छात्र को गिरफ्तार किया गया। छात्रा का पुलिस ने नियमानुसार गर्भपात कराया। अब आरोपी युवक जेल में है। दोनों के माता-पिता को समाज में शर्मिदगी का सामना करना पड़ा।
केस दो
पुराना औद्योगिक क्षेत्र के अंतर्गत एक आठवीं कक्षा की छात्रा का पड़ोस में शादी समारोह में आए युवक से प्रेम प्रसंग शुरू हुआ। दोनों ने शादी समारोह के दौरान शारीरिक संबंध बनाए। छात्रा गर्भवती हो गई। पुलिस ने मार्च में छात्रा का गर्भपात कराया। अब तक आरोपी युवक गिरफ्तार नहीं हुआ है। पीड़िता की मां न्याय के लिए चक्कर काट रही है।
केस तीन
किशनपुर क्षेत्र की एक 11 वीं की छात्रा अपनी ही कक्षा में पढ़ने वाले प्रेमी से गर्भवती हुई। नवंबर 2023 में उसको प्रसव पीड़ा हुई तो मां उसे नागरिक अस्पताल लाई। छात्रा ने नागरिक अस्पताल के शौचालय में बच्चे को जन्म दिया। पुलिस ने बाद में छात्रा व उसकी मां को गिरफ्तार कर लिया। दोनों फिलहाल जेल में है। आरोपी युवक को भी गिरफ्तार किया गया।
केस चार
सेक्टर 29 क्षेत्र की नौवीं कक्षा की छात्रा ने शनिवार को नागरिक अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया। छात्रा छह माह की गर्भवती थी। छात्रा अपने सहपाठी से गर्भवती हुई। छात्रा ने बाद में बच्चे को अपनाने से इंकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया था।
सोशल मीडिया बन रहा वजह : रजनी
महिला एवं बाल सरंक्षण अधिकारी रजनी गुप्ता ने बताया कि ऐसे मामलों के बढ़ने का मुख्य कारण सोशल मीडिया भी है। बच्चों के हाथ में मोबाइल रहता है। यहीं उन्हें अश्लील सामग्री मिलती है। संगत का भी किशोरों पर बहुत अधिक असर पड़ता है। ऐसे में अभिभावकों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। अभिभावकों को अपने बच्चों को अच्छे-बुरे के बारे में जागरूक करना चाहिए। शिक्षकों को भी छात्रों को इस विषय पर जागरूक करना चाहिए। ऐसे कुकृत्य से एक दो नहीं बल्कि कई जिंदगियां प्रभावित होती हैं। परिजनों को सामाजिक लज्जा का सामना करना पड़ता है।