पानीपत। शहर में एक सौतेले पिता की बेटे पर बढ़ती अमानवीय यातनाओं से तंग आकर मां ने चांदनीबाग थाने में शिकायत की है। मां का आरोप है कि पति बेटे के साथ अमानवीय व्यवहार करता है। जबरन घर की सफाई कराता है, जूते पॉलिश कराता है, गाड़ी धुलवाता है। मना करने पर मारपीट करता है। एक दिन सब्जी में ज्यादा मिर्च हुई तो जबरदस्ती बेटे पर खाने के लिए दबाव बनाया। सब्जी खाने से उसके मुंह में छाले पड़ गए, जिससे बेटा 10 दिन तक पानी नहीं पी पाया। आरोप है कि जून 2023 में पति ने बेटे को जान से मारने की मंशा से गले से पकड़ कर उठा लिया, उसने किसी तरह बचाया। चांदनीबाग पुलिस ने जुवेनाइल जस्टिस एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
करनाल के सेक्टर 32 निवासी महिला ने बताया कि उसकी दूसरी शादी पानीपत के सेक्टर 11 निवासी एक व्यक्ति से हुई थी। पहली शादी से उसे 14 वर्षीय बेटा है। शादी के समय पति ने कहा था कि वह उसे हमेशा अपने बेटे की तरह रखेगा। वह सभी अधिकार देगा। शादी के बाद पति ने बेटे के साथ सौतेले पिता जैसा व्यवहार करना शुरू कर दिया। हर छोटी बात पर बहाने बनाकर पति बेटे के साथ अमानवीय व्यवहार करने लगा। बेटे को शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगा। आरोप है कि बेटे के साथ पति नौकर जैसे व्यवहार करने लगा। बेटे को कहता कि यहां रहना है तो काम करना पड़ेगा। बेटे से जबरन घर की सफाई करवाता, जूते पॉलिश करवाता, गाड़ी धुलवाता था। उसने शुरू में सोचा कि कुछ समय में ठीक हो जाएगा, लेकिन यातनाएं बढ़ने लगीं। 10 अप्रैल 2022 में सब्जी में ज्यादा मिर्च हो गई थी, पति ने बेटे को कहा कि यह पैसों में बनी है, इसे फेंक नहीं सकते, उसने बेटे को सब्जी जबरदस्ती खिला दी। इससे उसके मुंह में छाले पड़ गए। 10 दिन तक बेटा पानी तक नहीं पी पाया। गत 18 जुलाई को पड़ोसी ने उसके बेटे को चलाने के लिए साइकिल दे दी तो इस पर भी पति ने मारपीट की। कहा कि उसकी इजाजत के बगैर कैसे ले आए, जान से मारने की धमकी देकर साइकिल वापस दिला दी। घर का जो भी छोटा सामान लाना होता है तो बेटे को ही भेजता है। नवंबर 2022 में बेटा सामान ला रहा था तो गली में कुत्तों ने उसे घेर लिया। बेटे ने पिता को बचाव के लिए आवाज लगाई तो उसने बचाने के बजाय बेटे के साथ ही मारपीट की।
आरोप है कि पति अक्सर बेटे की स्कूल नोट बुक में दुर्भावना नोट लिख देता था। नोट के नीचे जबरन उसके हस्ताक्षर करवाता था। बेटे को धमकाते हुए कहता कि कल स्कूल अध्यापक से नोट बुक पर हस्ताक्षर लाने है। अध्यापक से कहना है कि यह नोट उसकी मम्मी ने लिखा है। अगर अध्यापक से साइन करवाकर नहीं लाया तो तुझे खाना नहीं मिलेगा। पिता की अमानवीय यातनाओं और हिंसक व्यवहार की वजह से बेटे के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास पर प्रभाव पड़ रहा है।
आरोप है कि गत छह जून को साढ़े आठ बजे उसका बेटा गेट पर ताला लगाने जा रहा था। इसी बीच पति ने आवाज लगाई कि उसकी इजाजत के बगैर तू ताला नहीं लगा सकता है। पति ने जान से मारने की नियत से बेटे की गर्दन जकड़ ली। उसने किसी तरह छुड़ाया। हिंसक रूप अपनाते हुए पति ने बहुत बुरी तरह मारपीट की। बेटे की कमर में नाखून मारे। फर्श पर घसीटा, उसके कपड़े फाड़ दिए।
महिला की शिकायत पर पति पर जुवेनाइल जस्टिस एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
- संदीप कुमार, प्रभारी, चांदनीबाग थाना