पानीपत। सुर्खियों में रहने वाले पानीपत पुलिस में तैनात हेड कांस्टेबल आशीष कुमार को एसपी ने अनुशासनहीनता के चलते बर्खास्त कर दिया है। पत्र में उन्हें सेवामुक्त करने के तीन मुख्य कारण बताए गए हैं। पहला अनुशासनहीनता है। दूसरा कारण वर्दी पहनकर सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट डालकर पुलिस विभाग को ही चुनौती देना और तीसरा हमेशा पुलिस के लिए लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति पैदा करना। रक्षक ही भक्षक बनने की बात का भी जिक्र किया गया है।
गौरतलब है कि एएसआई मनोज त्यागी से दो फरवरी को टीडीआई के पास मारपीट करने, सरकारी कार्रवाई में बाधा डालने जैसे विभिन्न आरोप में हेड कांस्टेबल आशीष कुमार के खिलाफ सेक्टर 13-17 थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी। वहीं आशीष को लाइन हाजिर कर दिया था। आशीष ने भी मनोज के खिलाफ मारपीट करने और रिश्वत लेने के आरोप में पुलिस को शिकायत दी थी। लाइन हाजिर के बाद आशीष कुमार अनिल विज के दरबार में पेश हुए थे। जहां से गृहमंत्री ने आईजी के नेतृत्व में एसआईटी गठित करने और जांच करने के आदेश दिए थे। आशीष को उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने की भनक लगी तो उसने 8 फरवरी की रात अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर 9 फरवरी को 12 बजे एसपी कार्यालय में गिरफ्तारी देने की पोस्ट शेयर कर दी। पुलिस ने 12 बजे से पहले ही 10 बजे आशीष को उसके क्वार्टर से गिरफ्तार कर लिया था। उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया था। पहली जमानत याचिका को सीजेएम की कोर्ट ने खारिज कर दिया था, दूसरी जमानत याचिका को सेशन कोर्ट ने मंजूर कर दिया था। जिसके बाद छह दिन जेल में रहने के बाद वह बाहर आया था।
सोशल मीडिया पर आशीष कुमार ने पुलिस विभाग के खिलाफ काफी विवादित पोस्ट डाली। पुलिस लाइन ट्रांसफर करने पर अपने ही अधिकारियों को भ्रष्ट बताया। सिस्टम को भ्रष्ट बताया, ऐसे में सोशल मीडिया पर लोगों ने इस टिप्पणी को पसंद तो किया, लेकनि विवादित बयान से पुलिस विभाग और अधिकारियों की छवि पर गलत असर डला।
जेल के डीएसपी के बेटे की वीडियो बनाकर भी आशीष ने फेसबुक पेज पर डाली थी। डीएसपी को यह तक कहा कि जिस जेल के अधिकारी हो, वहां के कैदी बन जाओगे, हालांकि वीडियो खूब वायरल हुई, लेकिन डीएसपी की छवि को खराब किया गया। आशीष ने न चालान काटा और वीडियो बनाकर पोस्ट कर दी। इसी तरह उन्होंने एक आईजी के परिवार को सरकारी वाहन से जाते हुए पकड़ा, चालान काटने की बजाए उसकी भी पोस्ट वायरल कर दी
आशीष को कई बार लाइन हाजिर इसलिए किया जाता था, क्योंकि वह तय किए गए स्थान पर ड्यूटी नहीं देता था। जहां से जो सूचना मिली, वहीं पर पहुंचकर उसने सोशल मीडिया पर लाइव करना शुरू कर दिया। आशीष ने सट्टा खाईवाली करते हुए कुछ को पकड़ा था। इसके अलावा आशीष ने अपने ही विभाग के कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए इस्तीफा दिया था, लेकिन उसे मंजूर नहीं किया गया था। लगातार अनुशासनहीनता के चलते उन्हें पुलिस से ही सेवा मुक्त कर दिया है।