पानीपत। चीन ने भारत समेत कई देशों के निर्यातकों के लिए परेशानी खड़ी कर दी है। चीन ने समुद्री मालवाहक जहाजों को अपने क्षेत्र में ब्लॉक कर दिया है। इसलिए कंटेनर ले जाने के लिए बड़े जहाज नहीं मिल रहे हैं। छोटे जहाजों ने कंटेनर ले जाने के लिए रेट तीन गुना तक बढ़ा दिए हैं। इसके चलते निर्यातक समय पर बायरों को माल नहीं दे पा रहे हैं। इसलिए करोड़ों रुपये के ऑर्डर फंसे हुए हैं। एकेले टेक्सटाइल के ही लगभग 4500 कंटेनर पोर्ट पर फंसे हुए हैं।
समुद्री जहाज कंपनियों ने हर देश के लिए संभी कंटेनरों का भाड़ा सात हजार डॉलर प्रति कंटेनर कर दिया है। इराक व दुबई का भाड़ा 900 डॉलर प्रति कंटेनर था, अब यहां का भाड़ा 2100 डॉलर प्रति कंटेनर कर दिया है। यूरोप , अमेरिका व जापान का भाड़ा सात हजार डॉलर प्रति कंटेनर तय कर दिया है। ऐसे में निर्यातकों को बचत की बजाय बड़ा घाटा हो रहा है। विदेशी खरीदारों ने फिलहाल काफी ऑर्डर या तो रद्द कर दिए हैं या फिर कंटेनर के दाम कम होने तक माल का वितरण रोक दिया है। इस स्थिति में कई उद्यमियों की रकम भी फंस गई है। उद्यमियों के गोदाम माल से फुल हो गए हैं।
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चीन के ऑर्डर रद्द कर भारत को दे रहे विदेशी
कोरोना वायरस फैलने के बाद से ही विश्व के लगभग सभी देश चीन से नाराज हैं। कोरोना काल में यूरोप, अमेरिका, इंग्लैंड व यूरोप के लगभग सभी देशों ने चीन का बॉयकॉट कर दिया था। पहले जो टेक्सटाइल के ऑर्डर चीन को मिलते थे, वे अब पानीपत को मिल रहे हैं। पानीपत का एक्सपोर्ट 12 हजार करोड़ से बढ़कर 15 हजार करोड़ रुपये हो चुका है।
जहाज कंपनियों ने भाड़ा बहुत अधिक कर दिया- धमीजा
चैंबर ऑफ कॉमर्स के चेयरमैन विनोद धमीजा ने कहा कि निर्यातकों के लिए बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। जहाज कंपनियों ने भाड़ा कई कई गुना बढ़ा दिया है। अब बायर भी ऑर्डर कैंसल कर सकते हैं। निर्यातकों में भय बना हुआ है।
चीन की तरफ बड़े जहाज हुए ब्लॉक : सिंह
हम विश्व के लगभग सभी देशों में कंटेनर भेजते हैं। विदेशों से ऑर्डर मिलने के बाद दोनों पार्टी मिलकर कंटेनर कंपनी से संपर्क करती हैं। फिर कंटेनर में माल लोड होकर विदेशों में जाता है। वे कंटेनरों को रवाना करते हैं। पिछले कुछ समय से कंटेनर भेजने के लिए बड़े जहाज नहीं मिल रहे। बड़े जहाज चीन की ओर ब्लॉक हो गए हैं। छोटे जहाज में लिमिटेड कंटेनर जा सकते हैं। उन्होंने कई कई गुना भाड़ा बढ़ा दिया है। ऐसा कब तक चलेगा कुछ कहा नहीं जा सकता।
-जसबीर सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी शिपिंग कंपनी, पानीपत।