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Panipat News: एसकेएम ने फूंका सरकार का पुतला

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पानीपत। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने दिल्ली कूच को निकले किसानों पर बल प्रयोग करने के विरोध में शुक्रवार को काला दिवस मनाया। एसकेएम के बैनर तले किसान व मजदूर संगठनों ने गीता कॉलोनी से जिला सचिवालय तक जीटी रोड पर प्रदर्शन कर जिला सचिवालय के बाहर सरकार का पुतला फूंका। वहीं अंबाला में गिरफ्तार 24 किसानों को अंबाला सेंट्रल जेल में भेज दिया। उनको जमानत के लिए 10 लाख मुचलका राशि और पुलिस वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट देने साथ ही दोबारा आंदोलन में मिलने पर संपत्ति कुर्क करने भी लिखकर देना होगा। किसान यूनियन ने शर्तिया जमानत को लोकतंत्र की हत्या बताया है।
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संयुक्त किसान मोर्चा के जिला संयोजक जयकरण कादियान और सीटू नेताओं ने शुक्रवार सुबह गीता कॉलोनी स्थित सीटू कार्यालय में बैठक की। यहां से प्रदर्शन कर सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए जीटी रोड से होते हुए जिला सचिवालय पर पहुंचे। यहां जीटी रोड किनारे सरकार का पुतला फूंका।
एसकेएम के जिला संयोजक जयकरण कादियान ने कहा कि सरकार किसानों पर अन्याय कर रही है। एसकेएम ने इसके विरोध में शुक्रवार को काला दिवस मनाया है। सीटू नेता सुनील दत्त ने कहा कि सरकार अन्याय के खिलाफ आवाज को दबा रही है। किसान शांतिपूर्वक ढंग से दिल्ली कूच कर रहे थे, लेकिन किसानों को हरियाणा की सीमाओं पर रोक लिया गया। हरियाणा के किसानों को पहले घरों में नजरबंद कर लिया और वे बॉर्डर पर समर्थन देने जाने लगे तो उनको अंबाला में गिरफ्तार कर लिया गया। सरकार लोगों की आवाज को दबा रही है, लेकिन अब समय आ गया है। जनता सरकार को उसकी मनमर्जी का परिणाम दिखाएगी।
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अंबाला गए 30 में से छह निकले 24 को जेल भेजा
शंभू बॉर्डर पर पिछले दिनों समर्थन देने गए 30 किसानों को अंबाला में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। किसान नेताओं का कहना है कि इनमें छह किसान बचकर निकल आए हैं। पुलिस ने भाकियू जिला प्रधान सूरजभान रावल व किसान नेता हरेंद्र राणा समेत 24 किसानों को गिरफ्तार कर सेंट्रल जेल अंबाला भेज दिया है। भाकियू के पूर्व जिला प्रधान चूहड़ सिंह रावल ने बताया कि किसानों की जमानत के लिए 10 लाख मुचलका राशि और पुलिस वैरिफिकेशन सर्टिफिकेट देने की कही है। इसके साथ किसानों को दोबारा किसी आंदोलन में मिलने पर संपत्ति कुर्क करने भी लिखकर देनी होगी। पुलिस सरकार के इशारे पर किसानों को जेल से बाहर नहीं निकलना देना चाहती।
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