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Panipat News: साहब! नाम बदला और न काम

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माई सिटी रिपोर्टर
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पानीपत। डीसी के आदेशों के सात दिन बाद आज तक न तो लघु सचिवालय का नाम बदला और न ही अधिकारियों के काम का तरीका बदला। लघु सचिवालय के आगे के दो अक्षर लिखवाने की बजाय इसकी अप्रूवल लेने के लिए फाइल तैयार करा दी। जबकि डीसी ने इस काम को तुरंत करने के आदेश सीटीएम को दिए थे। अब उनके आदेशों की अनदेखी सबको दिख रही है।
देवीलाल पार्क में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने एक वाटर कूलर तो लगाया, लेकिन यहां भी वेस्ट वाटर का कनेक्शन छोड़ दिया। अब सारा पानी ट्रैक पर जमा हो रहा है। इसके अलावा अनाज मंडियों में गेहूं उठान व जीटी रोड को जाम मुक्त बनाना भी बैठकों और दावों तक सिमटा हुआ है। गोवंश को उठाने में निगम ने गोशाला में सुविधाओं की बात कहकर अड़ंगा डाल दिया।
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डीसी वीरेंद्र दहिया ने गत सप्ताह पानीपत में कार्यभार संभाला था। उन्होंने पिछले रविवार को देवीलाल पार्क का औचक निरीक्षण किया था और फिर अधिकारियों को मौके पर ले जाकर कमियों को दिखाया था। डीसी ने पार्क में पानी और शौचालयों की स्थिति सुधारने के लिए 24 घंटे और बाकी काम के लिए सात दिन का समय दिया था। अमर उजाला ने रविवार को सातवें दिन इन सबकी ग्राउंड पर जाकर सच्चाई जानी।
देवीलाल पार्क शहर का सबसे बड़ा पार्क है। उपायुक्त वीरेंद्र दहिया ने पहला निरीक्षण पार्क का ही किया था। उन्होंने पार्क में वाटर कूलर लगाने और शौचालयों की स्थिति सुधारने के अलावा ट्रैक की मरम्मत करने और इसकी मार्किंग करने के आदेश दिए थे। यहां एक वाटर कूलर लगाया गया है। इसके वेस्ट पानी का कोई प्रबंध नहीं किया गया। ऐसे में पार्क से होकर ट्रैक पर पानी जमा हो गया है। लोगों को वाकिंग करते समय ट्रैक छोड़ना पड़ता है। वहीं पार्क में साफ-सफाई दुरुस्त नहीं हो पाई है। लोगों का कहना है कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारी सबसे बड़े पार्क को संभाल नहीं पा रहा है।
डीसी ने लघु सचिवालय का नाम जिला सचिवालय रखने का फैसला लिया था। लघु की जगह जिला लिखवाने के आदेश सीटीएम को दिए थे। इन सात दिनों में अधिकारी दो अक्षर नहीं बदलवा पाए। अब सफाई है कि इसका रिकॉर्ड में नाम लघु सचिवालय है। नाम बदलने के लिए उच्चाधिकारियों से परमिशन लेनी पड़ेगी। अब इसकी फाइल तैयार की जा रही है। देखते हैं डीसी का यह दूसरा आदेश कितने दिन में पूरा होता है।
गेहूं का उठान कछुआ चाल से
जिले की 12 मंडियों व केंद्रों में आज तक गेहूं का उठान गति नहीं पकड़ पाया है। अब भी एक लाख मीट्रिक टन गेहूं मंडियों में पड़ा है। डीसी जिले की सभी बड़ी मंडियों का निरीक्षण कर उठान तेज करने के आदेश कर चुके हैं। अधिकारी इसके बाद भी अपनी चाल में चल रहे हैं। पिछले एक सप्ताह से हर रोज का खरीदा गेहूं ही उठ पा रहा है। यह आकड़ा एक लाख से नीचे नहीं आ पाया है।
जीटी रोड पर जाम और खुले स्लैब डरा रहे
उपायुक्त ने जीटी रोड को जाम और हादसों के मुक्त बनाने का फैसला लिया था। वे खुद इसको लेकर लगातार प्रयास में हैं, लेकिन आगे सिस्टम कुछ करने को तैयार नहीं है। जीटी रोड पर एक सप्ताह बाद भी कोई सुधार नहीं है। दोनों तरफ नाले के स्लैब खुले पड़े हैं। यहां हर समय हादसों का डर बना रहता है। हालांकि डीसी के आदेशों पर एसडीएम वीरेंद्र ढुल जीटी रोड के प्वाइंटों को देखकर गए हैं। इनके आधार पर डीसी ने एसपी के साथ बैठक भी की है। अब देखना है कि सड़क सुरक्षा की बैठक में इनको लेकर क्या होता है।
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लघु सचिवालय का नाम जिला सचिवालय करने के लिए फाइल तैयार की जा रही है। इसको निदेशालय परमिशन के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद नाम बदला जाएगा। बाकी कार्य भी जल्द पूरे किए जाएंगे। - राजेश सोनी, सीटीएम।
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