पानीपत। हरिद्वार में आयोजित ग्रैंड प्रिक्स खेल में एक बार फिर पानीपत के छोरे ने पदक झटका है। भले ही इस बार स्वर्ण पदक नहीं जीत पाए, लेकिन कांस्य पदक अपने नाम कर लिया। प्रतियोगिता में सागर जागलान सेमीफाइनल तक सभी खिलाड़ियों से आगे थे, लेकिन 4-0 की बढ़त के साथ सागर खेल ही रहे थे कि उनके पैर में झटका लग गया। इससे उन्होंने जीतते हुए मैच को बीच में छोड़ दिया और कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ा। इस चैंपियनशिप के लिए सागर खरखौदा के अखाड़े में ही अभ्यास कर रहे थे। अब इसके बाद भी वह अपनी अगली चैंपियनशिप के लिए खरखौदा के अखाड़े में अभ्यास करेंगे और अपनी टेक्नीक में सुधार करेंगे ताकि फिर उन्हें चोट न लगे। सागर दो बार वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक जीत चुके हैं। अब वह अपनी तीसरे वर्ल्ड चैंपियनशिप की तैयारी करेंगे।
पहले तीन मैचों में सागर जागलान ने हरियाणा और पंजाब के खिलाड़ी को 10-0 से चित करते हुए अपनी बढ़त बना रहे थे। सागर जागलान ने अमर उजाला के साथ विशेष बातचीत में बताया कि उनकी तैयारी स्वर्ण पदक की थी, लेकिन आज उनका दिन अच्छा नहीं था, जिससे सेमीफाइनल में उन्हें चोट लग गई। हालांकि इस चोट से वह हताश नहीं हुए हैं। कहा कि खेल में जीत हार और चोट लगती रहती है। अब अगली चैंपियनशिप पर फोकस करेंगे। पिता मुकेश जागलान का कहना है कि चोट तो खेल का हिस्सा है।