पानीपत। जिले का लिंगानुपात स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। दो माह में यह 884 पर पहुंच गया है। लिंगानुपात में मामूली सुधार तो आया है लेकिन स्थान में कोई सुधार नहीं आया है। इस साल अब भी लिंगानुपात में पानीपत 19 वें स्थान पर है।
दिसंबर 2023 के बाद से एकाएक जिले का लिंगानुपात गिरा है। जनवरी में पहली बार लिंगानपुात गिरकर 847 पर आ गया था। ये 2014 के बाद से सबसे कम दर्ज किया गया। अब फरवरी में लिंगानुपात 37 अंक बढ़कर 884 हो गया है। लिंगानुपात में मामूली सुधार तो आया है लेकिन स्थान में कोई सुधार नहीं आया है। इस साल अब भी पानीपत लिंगानुपात में 19 वे स्थान पर है। पानीपत से नीचे राेहतक, कैथल और महेंद्रगढ़ हैं। सिविल सर्जन ने अब तक पीएनडीटी टीम को जिले में जागरूकता कार्यक्रम करने के निर्देश जारी किए हैं।
जनवरी व फरवरी में चरखी दादरी 1107 अंक के साथ लिंगानुपात में पहले स्थान पर हैं। पानीपत 884 लिंगानुपात के साथ 19वें नंबर पर बना है। जिले में जनवरी और फरवरी में 6333 बच्चाें ने जन्म लिया है। इसमें 3365 लड़़के और 2968 लड़कियों ने जन्म लिया है। पानीपत 2023 के अंत में 920 अंकाें के साथ प्रदेश में नौवें नंबर पर रहा था। गौरतलब है कि पानीपत 2017 में प्रदेश में 945 लिंगानुपात के साथ पहले स्थान पर भी रह चुका है। हालांकि अभी तक जारी दाे माह की रिपाेर्ट के अनुसार जिले की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
वर्जन-
लिंगानुपात में लगातार आ रहा सुधार
सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि पानीपत के लिंगानुपात में लगातार सुधार आया है। जनवरी और फरवरी के लिंगानुपात में 37 अंक का अंतर है। उनका लक्ष्य है कि हम इस साल के अंत तक टाॅप जिलाें में शामिल हाें, इसके लिए हमारी टीमें फील्ड में काम कर रही हैं। हम उन गांवाें में जागरूकता अभियान चलाएंगे जिन गांवाें में 700 या इससे भी कम लिंगानुपात है। इन गांवाें में इतने कम लिंगानुपात के कारणाें काे तलाशा जाएगा।