पानीपत। अब उद्योग लगाना इतना आसान नहीं होगा। उद्यमियों को इसके निर्माण से पहले 29 पैरामीटर पूरे करने होंगे। इनको पोर्टल पर बाकायदा दर्ज करना होगा। सीक्यूएम (एयर क्वालिटी मैनेजमेंट) ने इसको लेकर गाइडलाइन जारी कर दी है। यह सब प्रदूषण रोकने को लेकर कदम उठाया गया है। इसमें सबसे बड़ा 500 वर्गमीटर से अधिक का निर्माण करने वाले उद्यमियों को पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इसको लेकर करीब 150 नोटिस जारी किए हैं।
उल्लेखनीय है कि उद्यमियों को सात दिन में पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसको अनदेखा करने पर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इनके साथ कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी करने वाले सरकारी गैर व सरकारी पर भी यह नियम लागू किया गया है। गोदाम, कम्युनिटी सेंटर से लेकर फैक्ट्री व घर बनाने के लिए पोर्टल पर अपना पंजीयन करवाना होगा। पानीपत में छोटे-बड़े करीब 20 हजार उद्योग हैं। इनके साथ कई स्थानों पर नए उद्योग लगाए जा रहे हैं। पानीपत दिल्ली एनसीआर में होने के चलते हर बार प्रदूषण के दायरे में आ जाता है। सर्दी के मौसम में एक्यूआई अधिक होने पर फैक्ट्री तक बंद करनी पड़ती हैं। अब एयर क्वालिटी मैनेजमेंट इसको लेकर सख्त हुआ है। बढ़ते वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए गाइडलाइन जारी की है। यदि इनको पूरा नहीं किया जाता तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड निर्माणाधीन भवन का कार्य रोकेगा साथ ही जुर्माना फीस अलग से लगेगी।
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बोर्ड के अधिकारियों ने जुटाया डाटा
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने संबंधित विभागों टाउन प्लानिंग, एचएसआइआइडीसी, एचएसवीपी व नगर निगम से जिले में चल रहे निर्माणाधीन कार्यों का डाटा लिया है। डाटा लेने के बाद ही संबंधित लोगों का नोटिस जारी किए गए हैं। निर्माण करने वाले ठेकेदारों के साथ भी बैठक की। बोर्ड अधिकारियों ने इनको सात दिन में पोर्टल पर पंजीयन कराने के निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों ने कहा कि इस मामले में लापरवाही न करें।
वर्जन :
उद्योग लगाना पहले ही मुश्किल है। वे इसको सिंगल विंडो करने की मांग उठा चुके हैं। इन सब पर किसी का कोई ध्यान नहीं है। अब 29 पैरामीटर लागू होने पर काम करना और भी मुश्किल हो जाएगा।
विनोद धमीजा, चेयरमैन, हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स पानीपत चैप्टर।
वर्जन :
वायु प्रदूषण अधिक होने के कारण सीएक्यूएम ने गाइड लाइन जारी की हैं। किसी भी प्रकार के निर्माण को लेकर अब पोर्टल पर आवेदन करना होगा। इसकी अनुमति के बाद ही निर्माण किया जा सकेगा। इसको लेकर बैठक ली है और संबंधित लोगों को नोटिस भी जारी किए हैं।
भूपेंद्र चहल, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।