पानीपत। खोजकीपुर गांव की सीमा ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर न केवल अपनी पहचान बनाई बल्कि पशुपालन के जरिए आय का स्थायी साधन भी विकसित किया है। सीमा ने बताया कि उन्होंने 10वीं कक्षा तक ही पढ़ाई कर रखी है। वर्ष 2022 में स्वयं सहायता समूह से जुड़ने का निर्णय लिया। समूह से मिली आर्थिक सहायता के जरिए उन्होंने पशु खरीदे और दूध उत्पादन का काम शुरू किया। उन्होंने दूध के साथ-साथ घी बनाकर भी बेचना शुरू कर दिया। संवाद