हरियाणा के पानीपत में समालखा के एसडीएम कार्यालय में कार्यरत क्लर्क को विजिलेंस टीम ने बुधवार को चार हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा। समालखा एसडीएम के कार्यालय में कार्यरत डिस्पैच क्लर्क ने एक युवक से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के एवज में रिश्वत मांगी थी। क्लर्क पर केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
जौरासी निवासी अंकित ने विजिलेंस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि उसने 10 अगस्त को ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। उसे लाइसेंस की जल्द आवश्यकता थी, इसलिए डिस्पैच क्लर्क रमेश कुमार से संपर्क किया।
क्लर्क ने कहा कि ड्राइविंग टेस्ट, ऑनलाइन टेस्ट पास करवाकर लाइसेंस भी जल्द बनवा देगा। इसके एवज में पांच हजार रुपये की मांग की। उसने एक हजार रुपये उसे एडवांस दे दिए थे। बाकी के चार हजार रुपये की क्लर्क लगातार मांग कर रहा था। इस पर उसने विजिलेंस से संपर्क किया।
विजिलेंस ने डिस्पैच क्लर्क को पकड़ने के लिए अंकित को पाउडर लगे पांच सौ के आठ नोट दिए, जिससे क्लर्क को रंगे हाथ पकड़ा जा सके। अंकित ने रमेश को बाकी रुपये लेने के लिए कॉल किया। क्लर्क ने अंकित को रुपये लेकर समालखा पुलिस चौकी के पास बुलाया। रमेश कुमार ने अंकित से जैसे ही रुपये लिए, विजिलेंस की टीम ने उसे दबोच लिया। पानी से उसके हाथ धुलवाए गए तो नोटों पर लगा पाउडर हाथ में लगने से पानी लाल हो गया। इसके बाद क्लर्क को गिरफ्तार कर लिया गया।