पानीपत। यातायात को सुगम बनाने और सड़क हादसों को रोकने के लिए जिले में रोड सेफ्टी कमेटी का गठन किया गया है। हर माह उपायुक्त कमेटी की बैठक लेते हैं। यातायात को सुगम बनाने व सड़क हादसों को रोकने की प्लानिंग करते हैं लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात, यानी योजनाएं कभी जमीन पर नहीं उतर पातीं।
बैठक में प्रस्ताव पास होते हैं, लेकिन धरातल पर इसका असर देखने को नहीं मिला। तभी तो सालों बाद भी प्रशासन ब्लाइंड कटों पर पुख्ता व्यवस्था नहीं कर पाया। नतीजतन हर साल 50 से अधिक लोग इन कटों पर सड़क हादसों का शिकार होकर जान गवां देते हैं। इन ब्लाइंड कटों पर न तो रिफ्लेक्टर की व्यवस्था है और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है। इनमें मुख्य रूप से डाहर गांव का गोल चक्कर, गांव नौल्था हाईवे पर डिडवाड़ी गांव कट, शाहपुर कट, टोल प्लाजा के पास सेक्टर-18 कट व पानीपत अनाजमंडी कट शामिल हैं।
ब्लाइंड कटों पर नहीं सुरक्षा के प्रबंध
जीटी रोड और शहर के अन्य मार्गों पर करीब एक दर्जन ब्लाइंड कट बने हुए हैं, लेकिन यहां पर धुंध से निपटने के भी कोई प्रबंध नहीं हैं। इससे लोगों को हर समय खतरा रहता है। शहर के हिस्से में एलिवेटेड हाईवे के नीचे बने तीनों कटों को देखें तो यहां पर सिग्नल तक ठीक से काम नहीं कर रहे। जीटी रोड के बाकी हिस्से में जगह-जगह खुले कट भी लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। पानीपत-रोहतक हाईवे पर दिल्ली पैरलल नहर और डाहर गांव के अलावा इसराना, शाहपुर गांव में खुले कट भी हादसों को न्योता दे रहे हैं।
ट्रैक्टर ट्रालियों पर नहीं लगे रिफलेक्टर, हादसे में दो युवकों की सोमवार को गई जान
प्रशासन ने इस बार ट्रैक्टर ट्राली पर रिफलेक्टर लगाने का काम नहीं किया। यही कारण है कि सोमवार को सेक्टर छह के सामने जीटी रोड पर खड़ी ट्रैक्टर ट्राली में रिफलेक्टर नहीं होने से मोटरसाइकिल सवारों को ट्राली दिखाई नहीं दी। इससे बाइक सवारों की ट्राली में टक्कर हो गई। वो रोड पर गिर गए और बस के नीचे आ गए। इस हादसे में दोनों युवकों की मौत हो गई।
सेक्टर-18 कट पर सबसे अधिक हादसे-
टोल प्लाजा के पास सेक्टर 18 की ओर जाने के लिए कट बनाया गया है। ये सबसे खतरनाक कट माना जाता है। यहां अक्सर हादसे होते रहते हैं, जिसमें कई की जान भी जा चुकी है। यहां न तो रिफ्लेक्टर लगाए गए और न ही यहां पर चेतावनी बोर्ड लगा है। सेक्टर 18 से करनाल की ओर जाने वाले वाहन चालक यहीं से रोड पार करते हैं।
डाहर गोल चक्कर-
डाहर गोल चक्कर से दिल्ली, रोहतक और पानीपत की ओर सड़क जाती है। यहां कई हादसे होने के बाद गोल चक्कर तो बनाया गया लेकिन लाइट नहीं लगाई गई। रात को धुंध में गोल चक्कर दिखाई नहीं देता। इस कारण भी यहां बड़े हादसे होते हैं। ग्रामीण कई बार रोष प्रदर्शन कर डीसी से यहां पुख्ता व्यवस्था करने की मांग कर चुके हैं लेकिन समाधान नहीं हुआ।
सभी कटों के बारे में रिपोर्ट ली जाएगी : डीसी
सभी कटों के बारे में संबंधित विभागाध्यक्षों से रिपोर्ट ली जाएगी। साथ ही सड़क सुरक्षा के लिए पुख्ता व्यवस्था की जाएगी। जहां रिफ्लेक्टर और लाइट की आवश्यक्ता है, वहां प्राथमिकता से व्यवस्था की जाएगी। यातायात व्यवस्था सुगम बनाने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
डॉ. वीरेंद्र दहिया, उपायुक्त पानीपत।