पानीपत। सेक्टर-छह में फर्जी तरीके से बेचे गए प्लाॅटों का तहसील में सिजरा न मिलने पर अब एचएसवीपी के पटवारी तहसील से रोजाना रिकॉर्ड ले रहे हैं। इसमें जमाबंदी, पड़त पटवार, पड़त सरकार के अलावा ऑनलाइन रिकॉर्ड भी है। माना जा रहा है कि ऑनलाइन रिकॉर्ड से फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हो सकेगा।
उल्लेखनीय है कि पड़त पटवार का रिकॉर्ड पटवारी के पास होता है, जो मैन्युअल होता है। वहीं पड़त सरकार का रिकॉर्ड सदर में जमा होता है। इसके अलावा ऑनलाइन रिकॉर्ड कंप्यूटरों में दर्ज हैं। इन प्लाॅटों का मैन्युअल रिकॉर्ड नहीं मिला है। यह सिर्फ ऑनलाइन दर्ज है। रिकॉर्ड के आधार पर पैमाइश और निशानदेही की जाएगी। एचएसवीपी फिर जमीन को कब्जा मुक्त करा सर्विस रोड और ग्रीन बेल्ट बनाएगा।
उधर इस संबंध में एचएसवीपी ने तहसील को जमीन की निशानदेही करने के लिए लिखा था। तहसील कार्यालय का उक्त रिकॉर्ड 44 साल पहले एक घटना में आग में जल जाने की बात कही गई थी। इस सेक्टर का सिजरा उनके पास नहीं है। शिकायकर्ता जोगिंद्र स्वामी ने इस बावत अधिकारियों को अवगत कराया था।
वर्जन
अधिकारियों के संज्ञान में है पूरे मामले की रिपोर्ट
एचएसवीपी के पटवारी सेक्टर-6 की जमीन से जुड़े मामले का रिकॉर्ड ले रहे हैं। तहसील की ओर से उनको रिकॉर्ड भी उपलब्ध कराया जा रहा है। पूरे मामले की रिपोर्ट आला अधिकारियाें के संज्ञान में दी गई है।
वीरेंद्र कुमार, तहसीलदार, पानीपत।